फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

The Great Dying: आखिर कयामती महाविनाश के बाद कैसे हुई थी धरती पर जीवन की वापसी?

Fri, 19 Mar 2021 10:16 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नवनीत राठौर Updated Fri, 19 Mar 2021 10:16 PM IST
विज्ञापन
know how life bounced back after the great dying mass extinction event
दुनिया के सबसे छोटे पक्षीनुमा डायनासोर की प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

आज से 6.6 करोड़ साल पहले धरती पर हुई महाविनाश की घटना काफी मशहूर है। इसमें डायनासोर के साथ-साथ पृथ्वी का 75 फीसदी जीवन नष्ट हो गया था। लेकिन इससे भी करोड़ों साल पुरानी एक घटना इसकी तुलना में काफी छोटी मानी जाती है, जिसे 'द ग्रेट डाइंग' कहा जाता है। यह कयामती महाविनाश की घटना हजारों साल तक चली, जिसमें पृथ्वी पर केवल 5 फीसदी जीवन ही बचा था। हाल ही में वैज्ञानिकों ने ये पता लगा लिया है कि आखिर यह 5 फीसदी जीवन बचने में कैसे सफल रहा और इन जीवों का विकास चक्र कैसे आगे बढ़ सका?

know how life bounced back after the great dying mass extinction event
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

द ग्रेट डाइंग की घटना करीब 23 करोड़ साल पहले पर्मियान युग में घटी थी, जिसमें पूरी पृथ्वी में भारी संख्या में ज्वालामुखी विस्फोट हुए थे। इस विस्फोट से एक हजार खरब टन की मात्रा में कार्बन निकल कर पृथ्वी के पूरे वायुमंडल में छा गया था। इस घटना के बाद हजारों सालों तक कयामती जलवायु परिवर्तन हुआ था और पूरी पृथ्वी पर मात्र 5 फीसदी प्रजातियां ही खुद को बचाने में सफल हो पाई थी। ऐसे में सवाल ये भी उठा कि आखिर इस महाविनाश के बाद जीवन ने कैसे वापसी की? इन सवालों का जवाब खोजने के लिए चीन के वुहान की चाइना यूनिवर्सिटी ऑफ जियोसाइंसेस के शोधकर्ता और इस अध्ययन के प्रमुख लेखक युआनगेंग हुआंग ने प्रयास किया।

know how life bounced back after the great dying mass extinction event
प्रतीकात्मक तस्वीर (जीवाश्म) - फोटो : Live Science

युआनगेंग हुआंग ने पर्मियान और ट्रियासिक कालों में उत्तरी चीन में रही खाद्य शृंखला के 14 समूहों का पता लगाकर फिर से खाद्य जाल का निर्माण किया। शोधकर्ताओं ने जीवाश्मों के दांत, पेट और मल में मिले पदार्थों का अध्ययन कर ये पता किया कि इन जीवों ने क्या खाया था? इससे इन पुराने पारिस्थितिकी तंत्रों की खाद्य शृंखला के बारे में सटीक जानकारी बनाने में मदद मिली।

विज्ञापन
विज्ञापन
know how life bounced back after the great dying mass extinction event
प्रतीकात्मक तस्वीर (जीवाश्म) - फोटो : सोशल मीडिया

खाद्य शृंखला में घोंगा, पौधे, कीट पतंगे आदि, जो तालाबों और नदियों में रहते हैं और इन्हें खाने वाली मछलियां, उभयचर और सरीसृप जीव शामिल रहते हैं। बता दें कि  पर्मियान युग में सरीसृप बहुत ही विशालकाय हुआ करते थे, जिसमें आज की छिपकली से लेकर बहुत बड़े सांप जैसे जीव शामिल थे। ऐसा ही एक जीव कटार के आकार वाले दातों के गोर्गोनोप्सियन प्रजाति थी, जो सबसे शीर्ष का शिकारी जीव था। इसकी जगह करोड़ों सालों तक कोई भी नहीं ले सका था।

विज्ञापन
know how life bounced back after the great dying mass extinction event
प्रतीकात्मक तस्वीर (जीवाश्म) - फोटो : सोशल मीडिया

पर्मियान युग में हुए इस महाविनाश के बाद पहले डायनासोर और स्तनापायी जीवन 16.5 करोड़ साल पहले आने शुरू हुए। कैलिफोर्निया एकेडमी ऑफ साइंसेस के पीटर रूपनारायन ने कहा कि हुआंग ने उनकी लैब में एक साल का समय बिताया और इकोलॉजिल मॉडलिंग पद्धतियों को लागू कर खाद्य जाल की स्थायित्व का पता लगाया, जिससे शोधकर्ता प्रजातियों को खाद्य जाल से छांट सके। इस महाविनाश के बाद पारिस्थितिकी तंत्र को फिर से खड़ा होने में एक करोड़ साल का समय लगा, जबकि अन्य घटनाओं में सुधार जल्दी हो गया था।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed