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Lake of Skeletons: हजारों फीट ऊपर बहती है 'कंकालों की झील' जानें भारत की इस रहस्यमयी जगह का सच

फीचर डेस्क, अमर उजाला Published by: Jyoti Mehra Updated Fri, 17 Apr 2026 04:06 PM IST
सार

Roopkund Lake Facts: समुद्र तल से करीब 16,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित रूपकुंड झील को “कंकालों की झील” के नाम से भी जाना जाता है। क्योंकि यहां पानी के भीतर और किनारों पर सैकड़ों मानव कंकाल नजर आने लगते हैं। 

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Lake of Skeletons Roopkund Lake In Chamoli Uttarakhand Mystery
कंकालों की झील का रहस्य - फोटो : AI

Mystery Behind Roopkund Lake: उत्तराखंड का नैनीताल अपनी खूबसूरत झीलों और पहाड़ों के लिए दुनियाभर में मशहूर है। इसे “झीलों का शहर” भी कहा जाता है, क्योंकि यहां एक-दो नहीं बल्कि कई मनमोहक झीलें हैं, जो इसकी प्राकृतिक सुंदरता को और बढ़ा देती हैं। लेकिन इसी राज्य में एक ऐसी झील भी है, जिसका नाम सुनते ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं।



हम बात कर रहे हैं रूपकुंड झील की, जिसे “कंकालों की झील” के नाम से जाना जाता है। समुद्र तल से करीब 16,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह झील साल के ज्यादातर समय बर्फ से ढकी रहती है। जैसे ही गर्मियों में बर्फ पिघलती है, पानी के भीतर और किनारों पर सैकड़ों मानव कंकाल नजर आने लगते हैं, यह एक ऐसा दृश्य होता है जो किसी के भी होश उड़ा देता है। 

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Lake of Skeletons Roopkund Lake In Chamoli Uttarakhand Mystery
कंकालों की झील (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : AI

क्या है इस झील का रहस्य?
जब इन कंकालों की जानकारी सामने आई, तो शुरुआत में अंदाजा लगाया गया कि ये किसी युद्ध से जुड़े सैनिकों के हो सकते हैं। लेकिन जब इस रहस्य की जांच हुई, तो पता चला कि ये अवशेष बहुत पुराने हैं और किसी हालिया घटना से जुड़े नहीं हैं।

आस्था और कहानी का मेल
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस झील के पास नंदा देवी मंदिर स्थित है। कहा जाता है कि एक राजा-रानी अपने साथियों के साथ देवी के दर्शन के लिए यहां पहुंचे थे। लेकिन उनका आचरण देवी को पसंद नहीं आया। मान्यता है कि देवी के क्रोध ने भयंकर आपदा का रूप लिया और सभी लोग वहीं मौत के मुंह में समा गए।

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Lake of Skeletons Roopkund Lake In Chamoli Uttarakhand Mystery
कंकालों की झील (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : AI

वैज्ञानिकों की नजर से रहस्य
दूसरी ओर, वैज्ञानिक इस घटना को प्राकृतिक आपदा से जोड़कर देखते हैं। कुछ शोधों में यह सामने आया कि ये लोग किसी भयंकर ओलावृष्टि या बर्फीले तूफान में फंस गए होंगे, जिससे उनकी मौत हो गई। ठंडे पानी और बर्फ ने उनके अवशेषों को सैकड़ों वर्षों तक सुरक्षित रखा।

दिलचस्प बात यह है कि यहां मिले कंकाल सिर्फ एक क्षेत्र के नहीं हैं। शोध बताते हैं कि इनमें भारत के अलावा ग्रीस और दक्षिण-पूर्व एशिया के लोगों के भी अवशेष शामिल हैं। यानी यह जगह कभी अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों की मौजूदगी का गवाह रही है।

Lake of Skeletons Roopkund Lake In Chamoli Uttarakhand Mystery
कंकालों की झील (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : AI

इतिहास में दर्ज खोज
इस रहस्यमयी झील की पहचान पहली बार साल 1942 में एक वन रेंजर ने की थी। तभी से यह जगह इतिहासकारों और वैज्ञानिकों के लिए एक पहेली बनी हुई है। अब तक यहां से 700 से ज्यादा मानव कंकाल मिलने की बात सामने आ चुकी है।

कब जा सकते हैं यहां
अगर आप इस रहस्य को करीब से देखना चाहते हैं, तो मई के अंत से लेकर सितंबर-अक्टूबर के बीच यहां ट्रेकिंग के लिए जा सकते हैं। सर्दियों में यह इलाका पूरी तरह बर्फ से ढका रहता है, जिससे पहुंचना मुश्किल हो जाता है।

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कंकालों की झील (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : AI

डर और रहस्य का संगम
रूपकुंड झील सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि इतिहास, आस्था और विज्ञान का अनोखा संगम है। यहां दिखने वाले कंकाल आज भी कई सवाल खड़े करते हैं, जिनके जवाब पूरी तरह सामने नहीं आ पाए हैं। यही वजह है कि यह झील आज भी दुनिया की सबसे रहस्यमयी जगहों में गिनी जाती है।

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