Life on Mars: ब्रह्मांड में वैज्ञानिक सालों से जीवन की तलाश कर रहे हैं। अगर सौर मंडल में जीवन खोजने की बात की जाए, तो वैज्ञानिकों का सबसे पहला लक्ष्य मंगल ग्रह है। अब इस बीच अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के क्यूरियोसिटी रोवर ने मंगल ग्रह की कुछ तस्वीरें भेजी हैं। क्यूरियोसिटी रोवर द्वारा भेजी गईं यह तस्वीरें पत्थरों के अजीबोगरीब संरचना की हैं। मंगल ग्रह की तस्वीरों में पत्थरों की अंदरूनी बनावट दिखाई दे रही है जो पूर्व ऐतिहासिक काल के जानवरों के अवशेषों की तरह नजर आ रही हैं।
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इन तस्वीरों को देखने के बाद कुछ लोग मान रहे हैं कि यह एक मछली का जीवाश्म है, तो वहीं कई लोग मानते हैं कि यह देवदार के पेड़ की शाखा की तरह दिख रहा है। हालांकि यह तस्वीरें अकल्पनीय हैं। सबसे हैरानी वाली बात यह है कि गेल क्रेटर के कुछ पत्थरों में हड्डी की तरह संरचना भी मिली है।
गेल क्रेटर की खोज से यह बात पूरी तरह साफ हो चुकी है कि मंगल ग्रह पर किसी समय पानी के बड़े-बड़े तालाब थे। संभावना है कि इसके सतह के नीचे अभी भी कुछ पानी हो सकता है। मंगल ग्रह पर स्थित सबसे बड़ी झीलों में गेल क्रेटर शामिल है। बताया जाता है कि इसकी उत्पत्ति 3.5 से लेकर 3.8 अरब साल पहले हुई थी। गेल क्रेटर कभी झील थी, लेकिन इस समय अब वह 154 किलोमीटर चौड़ा एक गड्ढा है।
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क्यूरियोसिटी रोवर के मिशन का उद्देश्य मंगल ग्रह के पर्यावरण और भूविज्ञान का अध्ययन करना है। इसके साथ ही जीवन की मौजूदगी के सबूत भी खोजना है। मंगल की सतह से रोवर अक्सर अजीबोगरीब तस्वीरें भेजता रहता है। खगोल विज्ञानी नथाली ए. कैबरोल का कहना है कि मंगल ग्रह के शोध के 20 सालों में अभी तक यह सबसे अनोखी चट्टान है। कैबरोल ने सोशल मीडिया पर एक स्नैपशॉट भी शेयर किया है।
क्यूरियोसिटी रोवर ने इससे पहले भी मंगल की सतह से अजीबोगरीब तस्वीरें धरती भेजी हैं। रोवर ने बीते साल मंगल की सतह से बाहर निकलने वाली कई विचित्र घुमावदार संरचनाएं खोजी थीं। माना जाता है कि यह प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले स्तंभ हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, करोड़ों साल से मंगल की सतह पर स्तंम्भ मौजूद हैं।