Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति भारत का प्रमुख और शुभ त्योहार है। यह त्योहार हर वर्ष 14 या 15 जनवरी को मनाया जाता है। इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे उत्तरायण की शुरुआत मानी जाती है। यानी सूर्य उत्तर दिशा की तरफ बढ़ना शुरू करता है। लेकिन क्या आपको पता है कि हमेशा मकर संक्रांति जनवरी में नहीं रहेगी?
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Makar Sankranti: क्यों और कब से मई-जून में मनाई जाएगी मकर संक्रांति? जानिए क्या है वैज्ञानिक वजह
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Published by: धर्मेंद्र सिंह
Updated Wed, 14 Jan 2026 04:41 PM IST
सार
Makar Sankranti 2026: भारत के प्रमुख त्योहारों में शामिल मकर संक्रांति हर वर्ष 14 या 15 जनवरी को मनाई जाती है। इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं। लेकिन भविष्य में मकर संक्रांति मई-जून में मनाई जाएगी।
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क्यों और कब से मई-जून में मनाई जाएगी मकर संक्रांति?
- फोटो : Adobe Stock
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क्यों और कब से मई-जून में मनाई जाएगी मकर संक्रांति?
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जब एक साथ होती थीं तीन महत्वपूर्ण घटनाएं
- विंटर सॉलस्टिस यानी शीतकालीन संक्रांति: उत्तरी गोलार्ध में 21-22 दिसंबर को सूर्य सबसे निचले बिंदु पर होता है और फिर उत्तर की तरफ बढ़ना शुरू करता है।
- उत्तरायण: सूर्य उत्तर दिशा की यात्रा पर चलना शुरू करता है और छह महीने का वक्त लगता है।
- मकर संक्रांति: सूर्य का नक्षत्रों के आधार पर मकर राशि में प्रवेश। करीब 285 ईस्वी में ये तीनों घटनाएं एक साथ होती थीं। सूर्य ठीक विंटर सॉलस्टिस पर मकर में प्रवेश करता था। इसकी वजह से प्राचीन खगोलशास्त्रियों ने इन्हें एक ही उत्सव में जोड़ दिया।
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क्यों और कब से मई-जून में मनाई जाएगी मकर संक्रांति?
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क्या है प्रीसेशन ऑफ इक्विनॉक्स?
- पृथ्वी सिर्फ घूमती नहीं, बल्कि उसके ध्रुवीय अक्ष पर डगमगाती है, उदाहरण के तौर पर कोई लट्टू धीरे-धीरे डगमगाता है। इसे प्रीसेशन कहा जाता है।
- यह चक्र करीब 26,000 साल में पूरा होता है। इससे (जैसे मकर नक्षत्र) हमारे कैलेंडर से धीरे-धीरे खिसकते हैं। हर 72 साल में करीब 1 डिग्री (या 1 दिन) का शिफ्ट हो ते हैं।
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क्यों और कब से मई-जून में मनाई जाएगी मकर संक्रांति?
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- 1700+ वर्षों में यह 24 डिग्री (24 दिन) का हो गया है। इसलिए वर्तमान समय में सूर्य उत्तरायण की शुरुआत 21 दिसंबर को करता है (विंटर सॉलस्टिस), लेकिन मकर राशि में प्रवेश करने में 24 दिन और लगते हैं। इसलिए मकर संक्रांति 14 जनवरी या 15 जनवरी को पड़ती है।
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क्यों और कब से मई-जून में मनाई जाएगी मकर संक्रांति?
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क्या होगा आने वाले वर्षों में?
- प्रीसेशन के कारण मकर संक्रांति हर वर्ष थोड़ा आगे बढ़ रही है। हजारों साली करीब 9000 साल बाद मई-जून में यह गर्मियों में पड़ सकती है। तब यह दक्षिणायन (सूर्य दक्षिण की तरफ) का प्रतीक बन सकती है, लेकिन परंपरा के मुताबिक, महत्व बरकरार रहेगा।
- परंपरा और विज्ञान का मेल मकर संक्रांति तारीख नहीं, बल्कि संस्कृति, विज्ञान और इतिहास का बेहद सुंदर मिश्रण है। हम 14 जनवरी को उत्तरायण मनाते हैं, जबकि दिसंबर में उत्तरायण हो चुका होता है।