Asteroid Sample Return: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने बेन्नु एस्टेरॉयड को लेकर हैरान करने वाली जानकारी दी है। नासा के मुताबिक, इस एस्टेरॉयड पर भारी मात्रा में पानी और कार्बन मिला है। नासा ने बुधवार को बेन्नु एस्टेरॉयड से इकट्ठा किए गए नमूनों की तस्वीर जारी की। नासा का ओसाइरिस-रेक्स (OSIRIS-REx) अंतरिक्ष यान इस उल्कापिंज से मिट्टी और धूल का सैंपल लेकर आया है। नासा की जांच की पहली रिपोर्ट सामने आ गई है। इसमें पता चला है कि यह दुनिया के बहुत काम का है।
Asteroid Sample: एस्टेरॉयड से आए नमूने में ऐसा क्या मिला? हैरत में पड़े वैज्ञानिक, नासा का चौंकाने वाला खुलासा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नासा का अंतरिक्ष यान बेन्नु के नमूने को लाने के लिए साल 2020 में गया था। ओसाइरिस-रेक्स का कैप्सूल दो हफ्ते पहले धरती सुरक्षित वापस लौटा है। अमेरिका के यूटा रेगिस्तान में इस कैप्सूल ने लैंडिंग की थी। वैज्ञानिकों का मानना है कि नमूना सोना और चांदी से भी अधिक कीमती है। करीब 750 ग्राम के इस नमूने को लाने के लिए नासा ने 1.16 अरब डॉलर यानी 96,45,86,98,000 रुपये खर्च किए थे। बेन्नु का यह 4.6 अरब साल पुराना नमूना है।
नमूना से इस रहस्य का पता चल सकता है कि धरती कैसे बनी और इस पर जीवन की शुरुआत कैसे हुई। नासा की तरफ से बेन्नु एस्टेरॉयड का चयन कार्बनिक यौगिकों की प्रचुरता के आधार पर किया गया था। इसके साथ ही बेन्नु की कक्षा ने मंगल और बृहस्पति के बीच स्थित क्षु्द्रग्रह बेल्ट तक पहुंचने की तुलना में राउंडट्रिप मिशन को आसान कर दिया। नासा के शोधकर्ताओं ने आशा जताई है कि इस क्षुद्रग्रह के मलबे से "बोनस कण" मिल सकता है।
Kim Yo Jong: क्या किम जोंग की बहन है दुनिया की सबसे खतरनाक महिला? इस किताब में किया गया है सनसनीखेज दावा
159 साल बाद इस उल्कापिंड की धरती से हो सकती है टक्कर
159 साल यानी 24 सितंबर 2182 में बेन्नु एस्टेरॉयड की धरती से टक्कर हो सकती है। इसकी टक्कर से धरती पर 22 परमाणु बमों के विस्फोट जितनी तबाही मचेगी।
Israel Hamas War: हमास के आंतकियों ने जिस लड़की को किडनैप कर निकाली थी परेड, मां ने किया चौंकाने वाला खुलासा
नासा ने इससे बचने के लिए ओसाइरिस-रेक्स मिशन को लॉन्च किया था, ताकि उसकी मिट्टी के सैंपल से यह पता लगाया जा सके, यह उल्कापिंड कितना मजबूत है। अंतरिक्ष में मिसाइल से उसे उड़ा जा सके। इसके अलावा दिशा बदलने के लिए किसी यान या हथियार को अंतरिक्ष में भेजने की आवश्यकता है।