एक तरफ जहां लोग पेड़ों को बचाने के लिए मुहिम चला रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग पेड़ पर बोर्ड और बिजली का तार टांग कर उसे बर्बाद कर रहे हैं। ऐसा ही कुछ नजारा चेन्नई में देखने को मिला, जहां ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन ने सड़क किनारे लगे पेड़ों पर विज्ञापन, तार या लाइट्स लगाकर उन्हें नुकसान पहुंचाने पर लोगों के साथ-साथ निजी संस्थाओं पर 25,000 रुपये का जुर्माना साथ ही तीन साल जेल की सजा का प्रावधान किया है। पेड़ों से दस दिन में विज्ञापन हटाने की चेतावनी देते हुए चेन्नई कॉर्पोरेशन ने कहा है कि पेड़ों पर कील ठोकना प्रकृति के खिलाफ है।
अब पेड़ों पर कील ठोकने पर होगी तीन साल की जेल
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत राय
Updated Thu, 12 Sep 2019 05:07 PM IST
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