Tasmanian Tiger: विलुप्त हो चुके इस खतरनाक टाइगर को फिर से जिंदा करेंगे वैज्ञानिक, जानिए इसके बारे में
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थायलासीन को वापस लाने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। दरअसल, ये जानवर मानव प्रभावों की वजह से विलुप्त हुए थे और ये वजह इन्हें वापस लाने के लिए सबसे अहम है। साथ ही ईकोसिस्टम को स्थिर रखना भी इसकी एक वजह हो सकती है। इसके साथ ही, तस्मानिया का हैबिटेट बदला नहीं है। ऐसे में वैज्ञानिकों का मानना है कि, थायलासीन को एक बार फिर दुनिया में वापस लाया जा सकता है। हालांकि, बड़ा सवाल ये है कि इसे आखिर वापस कैसे लाया जाएगा?
प्रोफेसर एंड्रयू पास्क की टीम ने 2018 में एक थायलासीन का पहला जीनोम सीक्वेंस प्रकाशित किया था, जिसके लिए उन्होंने 100 सालों से संग्रहित नमूने से डीएनए का इस्तेमाल किया था। इससे पहले, जीनोम की ड्राफ्ट असेंबली अधूरी थी। लेकिन अब थायलासीन के लिए बेहतर डीएनए असेंबली और संबंधित जीवित प्रजातियों से उच्च गुणवत्ता वाले जीनोम को नए क्रोमोसोम्स-स्केल पर मापा जा सकेगा।
वहीं जब सारी जानकारी मिल जाएगी, तो 'जुरासिक-पार्क-एस्क' (Jurassic-park-esque) प्रयोग को शुरू किया जाएगा। एक डननार्ट अंडे के साथ थायलासीन की कोशिका को फ्यूज करके, भ्रूण बनाने के लिए जीवित स्टेम सेल का प्रयोग करने के उद्देश्य से असिस्टिड रीप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (Assisted reproductive technologies-ART) विकसित की जाएगी।