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क्यों सितंबर के आखिर में हो रही भारी बारिश? क्या है पाकिस्तान से कनेक्शन? इन राज्यों में जमकर बरसेंगे बादल

Mon, 28 Sep 2026 05:22 PM IST
धर्मेंद्र कुमार सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Published by: धर्मेंद्र कुमार सिंह Updated Mon, 28 Sep 2026 05:22 PM IST
सार

भारत के कई राज्यों में इन दिनों में भारी बारिश हो रही है। कुछ जगहों पर असमान्य बारिश देखने को मिल रही है। मौसम विभाग ने देश के राज्यों में बारिश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आइए जानते हैं कि सितंबर के आखिर में भारी बारिश क्यों हो रही है?

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क्यों सितंबर के आखिर में हो रही भारी बारिश? - फोटो : AI

भारत में सितंबर दक्षिण-पश्चिम मानसून के वापसी का समय होता है। माना जाता है कि इस दौरान बारिश धीरे-धीरे कम हो जाती है, लेकिन 2026 में सितंबर के आखिर सप्ताह में देश के कई इलाकों में बारिश और बाढ़ ने तबाही मचा रखी है। पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आ रही हैं। उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक भारी बारिश, ओडिशा में बाढ़ और उत्तराखंड में बर्फबारी और लैंडस्लाइड की मार लोगों को छलेनी पड़ी है।



नेपाल में बाढ़ और एवलांच आने से मौतें हुई हैं। यह सभी प्राकृतिक घटनाएं एक साथ हो रही हैं। सवाल है कि आखिर इसकी वजह क्या है? मौसम में आए बदलाव की वजह अल-नीनो है या बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन के बाद लो-प्रेशर एरिया ने पश्चिमी विक्षोभ को खींचा है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह दोनों बाते एक दूसरे से जुड़ी हैं।

क्या है बारिश की वजह?

सितंबर के आखिरी महीने में होने वाली बारिश की बंगाल की खाड़ी में बना मौसमी सिस्टम तात्कालिक वजह है। सितंबर के तीसरे सप्ताह में बंगाल खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना, जो धीरे-धीरे दबाव और फिर उच्च दबाव में बदल गया। इस सिस्टम ने 23-24 सितंबर के आसपास आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट के पास टकराया। 

इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर दिशा में आगे बढ़ते हुए मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों में पहुंचकर कमजोर हो गया। मौसम विभाग का कहना है कि यह सिस्टम कमजोर होने के बाद नमी वाली हवाएं लाता रहा। इसकी बची ताकत ने उत्तर प्रदेश के उत्तरी-मध्य भागों में कम दबाव का क्षेत्र बनाया। जब उच्च दबाव जमीन पर आता है, तो आसपास की हवाओं को खींचता है।
 

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क्यों सितंबर के आखिर में हो रही भारी बारिश? - फोटो : अमर उजाला

इस प्रकिया के दौरान बंगाल की खाड़ी से नमी उत्तर की ओर बढ़ी और पूर्वी तथा मध्य भारत में भारी बारिश हुई। ओडिशा में बारिश के बाद नदियों में बाढ़ आ गई। उत्तर प्रदेश और बिहार के ज्यादातर इलाकों में असामान्य भारी बारिश हुई। मानसून की जटिल प्रणाली और अल नीनो का प्रभाव इस पूरे परिदृश्य में बड़ी भूमिका निभा रहा है। 
 

2026 में भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में ताकतवर अल-नीनो की स्थिति बनी है। आमतौर पर अल-नीनो भारतीय मानसून को कमजोर बनाता है। अल नीनो वायुमंडल के सर्कुलेशन को बदल देता है और मानसून की नमी कम कर देता है। देशभर में इस साल मानसूनी बारिश करीब 15 फीसदी कम रही। कई इलाको में सूखे जैसे हालात हैं। महाराष्ट में 74 फीसदी इलाकों को सूखा घोषित किया गया है। लेकिन अल नीनो का प्रभाव हमेशा एक तरह नहीं होता है। 
 

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क्यों सितंबर के आखिर में हो रही भारी बारिश? - फोटो : अमर उजाला

बंगाल की खाड़ी में बने उच्च दबाव जैसे सिस्टम स्थानीय स्तर पर नमी बढ़ा सकते हैं। 2026 में बंगाल में कई दबाव के क्षेत्र बन जिनसे पूर्वी और मध्य भारत को कुछ राहत मिली। अल नीनो के कारण समग्र रूप से कम बारिश हुई, लेकिन स्थानीय मौसमी सिस्टम के कारण सितंबर के आखिर में अचानक भारी बारिश हुई। इसके कारण ही मानसून वापसी के समय भी कुछ इलाकों में तेज बारिश हो रही है।

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क्यों सितंबर के आखिर में हो रही भारी बारिश? - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

पश्चिमी विक्षोभ भी करा रहा बारिश 

उत्तर भारत में हो रही बारिश की पश्चिमी विक्षोभ भी एक अहम वजह है। पश्चिमी विक्षोभ भूमध्य सागर से पाकिस्तान होते हुए आने वाले पश्चिमी हवाओं के सिस्टम है। यह सर्दियों के दौरान सक्रिय होते हैं, लेकिन कभी-कभी सितंबर-अक्टूबर में भी सक्रिय हो जाते हैं। वर्तमान समय में बंगाल की खाड़ी से आने वाला कम दबाव का क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ के बीच परस्पर क्रिया हुई। कम दबाव के क्षेत्र ने नमी वाली हवाओं की उत्तर की तरफ खींचा, तो वहीं पश्चिमी विक्षोभ ने ऊपरी स्तर पर ठंडी हवाएं को मिलाया। दोनों के मिल जाने से वातावरण अस्थिर हो गया। इससे पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश तथा बर्फबारी की स्थिति बनी।

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क्यों सितंबर के आखिर में हो रही भारी बारिश? - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

इन राज्यों में बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और चंडीगढ़ जैसे इलाकों में 28 से 30 सितंबर के बीच पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश की संभावना जताई है। यह होने वाली बरिश सामान्य से अधिक तेज हो सकती हैं। वजह यह है कि नमी की उपलब्धता पहले से है। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ की वजह से उत्तर-पश्चिम भारत में 28 से 30 सितंबर तक बारिश हो सकती है। अल-नीनो के आने वाले महीनों में भी मजबूत रहने की संभावना है। इससे सर्दी का मौसम प्रभावित हो सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन की वजह से ऐसे घटनाक्रम ज्यादा अनिश्चित और तीव्र होते जा रहे हैं।

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