एशियाई देश जापान की राजधानी टोक्यो में योशीरो हरदा (69) बीते 45 साल से बाघ का मास्क लगाकर घूम रहे हैं। दरअसल, जब वे 24 साल के थे तब उन्होंने अपना पूरा जीवन टाइगर की तरह जीने का फैसला किया। अब उन्हें 'शिंजुकु टाइगर' के नाम से भी जाना जाता है।
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- फोटो : shinjuku-tiger.com
योशीरो हरदा का जन्म नगानो में हुआ था, लेकिन 1967 में पढ़ाई के सिलसिले में वे राजधानी टोक्यो आए। यहां उन्होंने डाइटो बुनका यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया। इसके साथ ही उन्होंने अखबार बांटने का काम भी शुरू किया। हालांकि, कुछ समय बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी और नौकरी करने लगे।
1972 में टाइगर का मास्क देखकर आया आइडिया
1972 में योशीरो टोक्यो के शिंजुकु में होने वाले श्राइन फेस्टिवल में गए। वहां उन्होंने एक दुकानदार को टाइगर के कलरफुल मास्क बेचते देखा और इसे देखकर ही उन्हें टाइगर की तरह जीने का आइडिया आया। योशीरो ने उस दुकान से टाइगर के 30 मास्क खरीदे। उस दिन के बाद से योशीरो हमेशा से टाइगर का मास्क लगाए हुए हैं। फिर चाहे वे ऑफिस में हों या घर पर खाली बैठे हों। योशीरो अपने चेहरे टाइगर का मास्क तभी हटाते हैं जब बहुत ज्यादा जरूरी हो।
लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाना मकसद
इस बात की जानकारी किसी को नहीं है कि योशीरो को टाइगर का मास्क पहनने के लिए किसने प्रेरित किया, लेकिन एक इंटरव्यू में उन्होंने इसके पीछे अपने स्वभाव को कारण बताया था। उनका कहना था कि वे टाइगर का मास्क इसलिए पहनते हैं ताकि वे लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला सकें। उन्होंने ये भी कहा था कि वे दुनिया को बचाना चाहते हैं। मास्क के अलावा योशीरो गुलाबी विग और अजीबो-गरीब कपड़े भी पहनते हैं। अपने साथ दर्जनों सॉफ्ट टॉय रखते हैं। वे अपने साथ करीब 10 किलो का सामान हमेशा लेकर घूमते हैं।
मास्क लगाकर अखबार बांटने भी जाते हैं
योशीरो सुबह 3.30 बजे उठ जाते हैं और मास्क लगाकर 5 बजे अखबार बांटने चले जाते हैं। इसके बाद दोपहर 3 बजे दोबारा वे अखबार बांटने निकल जाते हैं। खाली समय में वे फिल्म देखने जाते हैं या अपने दोस्तों के साथ एन्जॉय करते हैं। 69 साल की उम्र में भी योशीरो स्फूर्ति के साथ काम करते हैं।