Meteor Shower: खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वालों के लिए अगस्त का महीना बेहद खास है। अगस्त में कई खगोलीय घटनाएं देखने को मिलेंगी। 12 अगस्त को सूर्य नजर आएगा, तो वहीं 27-28 अगस्त को दुर्लभ आंशिक चंद्र ग्रहण दिखाई देगा। हालांकि, दोनों ग्रहण भारत में लोगों नहीं नजर आएंगे। उत्तरी अमेरिका, यूके, आयरलैंड और यूरोप के इलाकों में शानदार सूर्य ग्रहण नजर आएगा।
Meteor Shower: दिन में सूर्य ग्रहण और रात में होगी उल्का की बारिश, आसमान में दिखेगा हजारों साल बाद ऐसा नजारा
Meteor Shower: अगस्त के महीने में सूर्य ग्रहण के दिन उल्का का भी बारिश होगी। खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वालों के लिए यह बेहद खास मौका होगा। आइए जानते हैं कि इससे जुड़ी खास बातें।
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दिन में दिखेगा सूर्य ग्रहण और रात में होगी उल्का बारिश
12 अगस्त के दिन सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा आ जाएगा और सूर्य को पूरी तरह ढक लेगा। इससे दिन में कुछ मिनटों के लिए शाम जैसा अंधेरा छा जाएगा। इसी दिन रात को स्विफ्ट-टटल धूमकेतु के मलबे से पृथ्वी होकर गुजरेगी। जब धूल के छोटे कण की पृथ्वी के वायुमंडल में टक्कर होगी तो वे जल उठेंगे जिससे आसमान में चमकदार लकीरें बनेंगी जिन्हें टूटता तारा या उल्का बौछार कहा जाता है।
अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण होता है। अमावस्या होने की वजह से रात में आसमान एकदम काला होता है, क्योंकि चांद की रोशनी नहीं होती है। इस वजह से रात में छोटे और हल्के टूटते तारे भी बेहद साफ और चमकदार नजर आते हैं।
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कहां और कैसे दिखाई देगा?
पूर्ण सूर्य ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, अटलांटिक महासागर और उत्तरी स्पेन से गुजरेगा। इन जगहों पर दिन में ही रात की तरह नजारा हो जाएगा। यूरोप जैसे यूके, आयरलैंड, उत्तरी अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका यानि कनाडा और उत्तर-पूर्वी अमेरिका में आंशिक सूर्य ग्रहण नजर आएगा। भारत में सूर्य ग्रहण नहीं दिखाई देगा, क्योंकि उस समय यहां पर रात होगी।
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कहां दिखाई देगी उल्का की बारिश?
सूर्य ग्रहण के विपरीत उल्का की बारिश को मौसम साफ होने पर उत्तरी गोलार्ध के अधिकतर हिस्सों में देखा जा सकता है। 12 अगस्त की देर रात से लेकर 13 अगस्त की सुबह का समय तक यह शानदार दिखाई देगा। इस दौरान हर घंटे 60 से 100 तक टूटते तारे देखे जा सकते हैं। इसके लिए टेलीस्कोप या दूरबीन की जरूरत नहीं है।