Solar Storm Internet: वर्तमान समय में इंटरनेट लोगों की जरूरत बन चुका है। ज्यादातर कार्यों के लिए लोग इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसकी वजह से दुनिया में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। टेलीकॉम, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना-प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत में वर्तमान में 80 करोड़ से अधिक लोग इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं।
Internet: सिर्फ दो साल में खत्म हो जाएगा इंटरनेट? जानिए क्या है इसकी वजह और दुनियाभर में क्यों छिड़ी बहस
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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की तरफ से इन अफवाहों को लेकर लगातार सूचना दी जा रही है। सूर्य का सोलर चक्र कोई नया नहीं है। साल 1755 से सूर्य के चक्र का रिकॉर्ड रखा जा रहा है और तब से लेकर अब तक 25 बार यह हो चुका है। लेकिन विशेषज्ञ चिंतित हैं, क्योंकि वर्तमान समय का चक्र सामान्य से बहुत तेज है। पूर्वानुमान की तुलना में ज्यादा सनस्पॉट और विस्फोट नजर आए हैं।
नासा की तरफ से साल 2025 में सौर तूफान की वजह से इंटरनेट के खत्म होने की संभावना पर कोई भी टिप्पणी नहीं की गई है। लेकिन अचानक यह बहस क्यों शुरू हुई है? क्या यह सिर्फ कल्पना है? वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, यह संभावना पूरी तरह काल्पनिक नहीं है। धरती पर सौर तूफान की वजह से व्यापक तौर पर इंटरनेट प्रभावित हो सकता है।
कैलिफोर्निया में यूनिवर्सिटी ऑफ कंप्यूटर साइंस की प्रोफेसर संगीता अब्दु ज्योति का कहना है कि वर्तमान समय में दुनिया इंटरनेट से जुड़ी हुई है। पहले कभी भी इतने चरम सौर तूफानों का अनुभव नहीं किया गया है और यह नहीं पता है कि बुनियादी ढांचे पर इसका क्या और कैसा प्रभाव होगा।
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सौर तूफान से क्या होगा नुकसान?
सौर तूफानों में इलेक्ट्रो मैग्नेटिक पल्स रहते हैं, जिनके बड़े होने पर धरती पर विनाशकारी प्रभाव पड़ सकता है। अमेरिका के नेशनल ओशेनिक एंड एटमास्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) के प्रवक्ता का कहना है कि अंतरिक्ष मौसम तूफानों की फ्रीक्वेंसी का पता लगाने के लिए सूर्य के सौर चक्रों पर नजर रखी जाती है।
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