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क्या वाकई इस एक घंटे के दौरान सबसे ज्यादा मौतें होती हैं, सच जानकर उड़ जाएंगे आपके होश

फीचर टीम, अमर उजाला Updated Sun, 18 Nov 2018 03:39 PM IST
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Do really most deaths during 3 to 4 am is the scary hour of the day?
- फोटो : file photo

विज्ञान के शोधों ने हमारी जिज्ञासाओं को इनता बढ़ा दिया है कि हम भूत, वर्तमान और भविष्य के साथ ही न जाने क्या-क्या सोचने को मजबूर हो गए है। अब वैज्ञानिकों ने मौत के समय पर रिसर्च की है। मौत के समय पर शोध के आंकड़ों को जानकर आपके पैरों तले से जमीन खिसक जाएगी।

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- फोटो : file photo

मौत के समय को लेकर किए गए शोध में बहुत ही खतरनाक आंकड़े सामने आए हैं। वैज्ञानिकों ने शोध में पाया है कि दिन के समय की अपेक्षा रात में तड़के सुबह तीन से चार के बीच का समय मौत को सबसे ज्यादा प्रिय होता है। शोध में कहा गया है कि इस दौरान शैतानी शक्तियां सबसे ज्यादा शक्तिशाली होती हैं और इंसान का शरीर सबसे ज्यादा कमजोर होता है। 

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आमतौर पर दुनिया की कई संस्कृतियों और धार्मिक मान्यताओं के हिसाब से रात का तीसरा पहर बहुत खतरनाक माना जाता है। तीसरा पहर यानि रात तीन से सवेरे छह बजे के बीच का वक्त। इससे जुड़े तमाम तथ्यों को हमने जुटाने का प्रयास किया गया ताकि पता चल सके कि क्या वाकई रात में 3 से 4 के बीच का वक्त इंसान के लिए बहुत खतरनाक होता है? और मेडिकल साइंस इसके बारे में क्या कहता है?

Do really most deaths during 3 to 4 am is the scary hour of the day?
- फोटो : Dân Việt

तो शोधकर्ताओं ने खोजने पर कुछ ऐसे दावों के बारे में बताया है कि अस्थमा के अटैक का खतरा दिन के आम वक्त की अपेक्षा 3 से 4 के बीच 300 गुना ज्यादा होता है। इसका कारण बताया जाता है कि इस वक्त एड्रेनेलिन और एंटी-इंफ्लेमेटरी हार्मोंस का उत्सर्जन शरीर में बहुत घट जाता है, जिससे शरीर में श्वसनतंत्र बहुत ज्यादा सिकुड़ जाता है। दिन की अपेक्षा इस वक्त ब्लडप्रेशर भी सबसे कम होता है, यह भी एक वजह है कि सवेरे 4 बजे सबसे ज्यादा लोगों की मौतें होती हैं।

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- फोटो : theatlantic.com

एनवाईयू लैंगोन मेडिकल सेंटर की डॉ. रोशनी राज कहती हैं कि सवेरे 6 बजे कोर्टिसोल हार्मोन के तेजी स्त्राव के कारण खून में थक्के जमने और अटैक पड़ने का खतरा ज्यादा होता है, लेकिन सबसे ज्यादा ब्लडप्रेशर रात में 9 बजे होता है, यह भी मौत का कारण बन सकता है।

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