नाइजीरिया के उत्तर-पश्चिमी जमफारा प्रांत आत्मसमर्पण करने वाले डकैतों को हर एक AK-47 राइफल के बदले दो गायें देने जा रहा है। जमफारा के गवर्नर बेलो मटावाल्ले ने कहा है कि अपराध की जिंदगी छोड़कर एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर आम जिंदगी जीने के लिए प्रेरित करने का यह सरकार का एक प्रयास है। मोटरसाइकिल सवार डकौतों ने इस प्रांत को आतंकित कर रखा है।
यहां AK-47 के बदले मिल रही एक जोड़ी गाय, जानिए क्या है पूरा मामला
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किस तरह के हैं ये लुटेरे?
गवर्नर मटावाल्ले ने एक बयान में कहा, "पश्चाताप करने वाले इन डकैतों ने पहले अपनी गायों के बदले बंदूकें खरीदीं लेकिन अब ये अपराध से मुक्त होना चाहते हैं। हम उनसे अपील कर रहे हैं कि हमें AK-47 राइफल लाकर दो और बदले में दो गायें ले जाओ। हमें उम्मीद है कि ये योजना उनको सशक्त और प्रोत्साहित करेगी।"
ये हमलावर घने जंगलों से अपना नेटवर्क चलाते हैं और पड़ोस के राज्यों में लूटमार करते हैं। ये अक्सर दुकानें, जानवर, अनाज लूटते हैं और फिरौती के लिए लोगों को बंधक बनाते हैं। जमफारा में हाल ही में हुए एक हमले में हथियारबंद डकैतों ने टलाटा मफारा में 21 लोगों को मार दिया था।
अंतरराष्ट्रीय संकट समूह के अनुसार, पिछले दशक में केब्बी, सोकोट, जमफारा और पड़ोसी देश नीजेर में 8,000 से अधिक लोग मारे गए थे। इन हमलों के पीछे संसाधनों को लेकर दशकों तक चली प्रतिद्वंद्विता है जो जातीय फुलानी चरवाहे समूह और किसान समुदायों के बीच है। जमफारा के अधिकतर नागरिक किसान हैं और राज्य का आदर्श-वाक्य भी 'कृषि हमारा गौरव है।' गवर्नर ने यह भी वादा किया है कि वो जंगल से लूटमारी करने वाले डकैतों के कैंप को भी हटा देंगे।
जमफारा के बारे में और जानकारी:
- साल 2016 के आंकड़ों के अनुसार यहां की जनसंख्या करीब 45 लाख है।
- 67.5 फीसदी लोग गरीबी में (राष्ट्रीय दर: 62 फीसदी)
- राज्य में साक्षरता दर 54.7 फीसदी है।
- राज्य का नारा है- कृषि हमारा गौरव है।
- अधिकतर रहने वाले नागरिक हौजा और फुलानी समुदाय से हैं।
- यहां अधिकतर लोग मुसलमान धर्म को मानने वाले हैं।
- ये देश का पहला राज्य है जिसने साल 2000 में शरिया कानून को दोबारा लागू किया था।
स्रोत: नाइजीरिया डाटा पोर्टल और अन्य