{"_id":"67a7d82c0cd1e5a7440accfb","slug":"common-people-shocker-biscuits-and-phone-tariffs-may-become-expensive-companies-indicate-prices-increase-2025-02-09","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"आम लोगों को लगेगा झटका: बिस्किट से लेकर फोन टैरिफ हो सकते हैं महंगे, कंपनियों का संकेत- कीमतें बढ़ाना मजबूरी","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
आम लोगों को लगेगा झटका: बिस्किट से लेकर फोन टैरिफ हो सकते हैं महंगे, कंपनियों का संकेत- कीमतें बढ़ाना मजबूरी
अजीत सिंह, अमर उजाला
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Sun, 09 Feb 2025 03:48 AM IST
सार
ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज ने कहा, वह चालू वित्त वर्ष के अंत तक उत्पादों की कीमतों में 4.5 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर सकती है। वाइस चेयरमैन वरुण बेरी ने हाल में कंपनी के तीसरी तिमाही के परिणाम के दौरान निवेशकों से कहा, हर कंपनियां बहुत देर से मूल्य वृद्धि करती हैं।
विज्ञापन
1 of 5
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
आयकर में भारी राहत और कर्ज पर किस्त कम होने की उम्मीदों के विपरीत आम लोगों को झटका लग सकता है। बिस्किट से लेकर फोन टैरिफ महंगे हो सकते हैं। दोनों क्षेत्रों की दो बड़ी कंपनियों ने इस तरह का संकेत दिया है।
ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज ने कहा, वह चालू वित्त वर्ष के अंत तक उत्पादों की कीमतों में 4.5 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर सकती है। वाइस चेयरमैन वरुण बेरी ने हाल में कंपनी के तीसरी तिमाही के परिणाम के दौरान निवेशकों से कहा, हर कंपनियां बहुत देर से मूल्य वृद्धि करती हैं। हर किसी को यह बात याद आ रही है कि यह महंगाई दूर होने वाली नहीं है। कच्चे सामग्रियों की कीमतें अभी भी ऊंची हैं, जिससे कंपनी के मार्जिन पर असर पड़ रहा है।
2 of 5
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : एएनआई
बेरी के अनुसार, मूल्य समायोजन निरंतर मुद्रास्फीति के माहौल के बीच किया गया है, जिसमें खाद्य महंगाई ऊंची बनी हुई है। चालू तिमाही में आप देखें तो खाद्य महंगाई दो अंकों से ऊपर ही रही है। अनाज की कीमतें 6.5%, तेल-वसा लगभग 15%, और सब्जियां व फल 9 फीसदी या इससे भी ज्यादा महंगे हुए हैं। इस वजह से सभी उत्पादों की कीमतों पर असर पड़ रहा है। इसलिए इसका कुछ भार ग्राहकों पर भी डालना होगा। दिसंबर तिमाही में कंपनी ने दो फीसदी तक कीमतें बढ़ाई थी, जिससे राजस्व 100 करोड़ रुपये बढ़ गया था।
3 of 5
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : एएनआई
कमोडिटी की बढ़ती कीमतों से एफएमसीजी कंपनियां परेशान
कमोडिटी की कीमतों में अस्थिरता के चलते फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) कंपनियां परेशान हैं। साबुन, शैंपू, डिटर्जेंट, सौंदर्य प्रसाधन और खाद्य उत्पादों में उपयोग किए जाने वाले कच्चे पाम तेल के दामों में ज्यादा वृद्धि हुई है। एचयूएल का कहना है कि दिसंबर तिमाही में पाम तेल की कीमतें सालाना आधार पर 40 फीसदी तक बढ़ी हैं। चाय की कीमतें 24% बढ़ीं। इससे एचयूएल और गोदरेज जैसी कंपनियों ने पहले भी उत्पादों के दाम बढ़ा दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : एएनआई
मोबाइल टैरिफ बढ़ाना जरूरी
उधर, एयरटेल के प्रबंध निदेशक गोपाल विट्ठल ने कहा, क्षेत्र की वित्तीय स्थिरता के लिए मोबाइल फोन टैरिफ में और वृद्धि जरूरी है। तिमाही परिणाम के बाद निवेशकों से बात करते हुए कहा, प्रति ग्राहक कमाई भारत में अभी भी दुनिया की तुलना में काफी कम स्तर पर बनी हुई है। उद्योग को वित्तीय रूप से स्थिर बनाने और निरंतर आधार पर उचित रिटर्न देने के लिए टैरिफ बढ़ाने की और जरूरत है।
विज्ञापन
5 of 5
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : एएनआई
जुलाई में 21 फीसदी तक बढ़ा था टैरिफ
एयरटेल सहित करीब सभी दूरसंचार कंपनियों ने पिछले साल जुलाई में 10 से 21 फीसदी तक टैरिफ में बढ़ोतरी की थीं। इससे प्रति ग्राहक कमाई बढ़ गई थी। एयरटेल की प्रति ग्राहक कमाई तो अब 245 रुपये के पार पहुंच गई है जो एक साल पहले 208 रुपये थी। कंपनी ने 2024 में 48,927 करोड़ रुपये का निवेश किया था।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।