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आपकी आर्थिक स्थिति प्रभावित करती है डायबिटीज, विशेष बीमा कवर की जरूरत

Fri, 24 Jan 2020 12:05 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Fri, 24 Jan 2020 12:05 PM IST
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Health Insurance policy is necessary for Diabetes patients to reduce expenses
प्रतीकात्मक तस्वीर

मधुमेह (डायबिटीज) का लगातार बढ़ता असर लोगों की जिंदगी को बड़े पैमाने पर शारीरिक और आर्थिक तौर पर प्रभावित कर रहा है। साइलेंट किलर के रूप में पहचाने जाने वाला यह रोग किसी समय वृद्धावस्था में होता था, लेकिन आज यह 20 और 30 वर्ष की उम्र में भी हो रहा है। भारत को पहले ही मधुमेह की वैश्विक राजधानी माना जाने लगा है, लेकिन आने वाले दिनों में स्थिति और भी खराब हो सकती है। अभी भारत में मधुमेह के करीब 70 मिलियन (700 लाख) मरीज हैं और विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि यह आंकड़ा 2030 तक 45 फीसदी तक बढ़कर 101 मिलियन (1,010 लाख) तक पहुंच जाएगा।

Health Insurance policy is necessary for Diabetes patients to reduce expenses
प्रतीकात्मक तस्वीर

आधुनिक जीवनशैली का युवाओं पर प्रभाव और मधुमेह

कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करने वाले लोग औसतन दिन में दस घंटे तक काम करते हैं। इसमें अधिकतर समय डेस्क या किसी क्यूबिकल में बीतता है। आसानी से उपलब्ध होने वाला फास्ट और प्रोसेस्ड भोजन घर के भोजन का स्थान ले रहा है। नींद पूरी नहीं हो रही है और काम व समाज में खुद को श्रेष्ठ साबित करने का तनाव बढ़ता जा रहा है। तमाम दुष्प्रभावों को जानते हुए भी जब खुद की जरूरतों और इच्छाओं का आकर्षण सामने होता है तो हमारा स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता में नहीं रहता। स्ट्रोक अवसाद तनाव और मधुमेह जैसे जीवनशैली से जुडे़ रोगों का यह सबसे बड़ा कारण है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर

मधुमेह आपकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित करता है

मधुमेह एक गंभीर रोग है जो पूरे शरीर को प्रभावित करता है। एक बार मधुमेह रोग हो जाए और युवावस्था में हो जाए तो यह आपके काम और बाद में आर्थिक सुरक्षा को प्रभावित करने लगता है। मधुमेह कैंसर या हृदय रोग जैसा खतरनाक भले ही न हो, लेकिन इसका उपचार काफी महंगा है। उपचार, चिकित्सा की बढ़ती लागत और मेहनत से अर्जित कमाई सेहत की वजह से खत्म होना किसी को भी स्वास्थ्य और आर्थिक दृष्टि स कमजोर कर सकता है। मधुमेह के साथ ही हृदय रोग, किडनी खराब होना, स्ट्रोक, नजर कमजोर होना, नसों को नुकसान होना और पैरों की समस्याएं भी सामने आ सकती है। टाइप टू मधुमेह के रोगियों में दिल की कमजोरी से मौत होना सबसे बडा कारण है।

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मधुमेह के लिए विशेष बीमा कवर की जरूरत

किसी भी स्वस्थ व्यक्ति के लिए ठीकठाक राशि का स्वास्थ्य बीमा मधुमेह के अलावा किसी बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती होने के खर्च की भरपाई के लिए पर्याप्त हो सकता है। लेकिन मधुमेह रोगी के लिए मधुमेह का विशेष बीमा कवर अस्पताल में भर्ती होने के खर्च को बेहतर ढंग से कवर कर सकता है। ऐसे में जब मधुमेह होने का पता चले तो मधुमेह का विशेष बीमा कवर काफी सहायक होता है। मधुमेह लंबा चलने वाला रोग है। ऐसे में अन्य बीमारियों के मुकाबले इसका औसत क्लेम साइज 90 फीसदी तक ज्यादा होता है। आमतौर पर स्वास्थ्य बीमा में मधुमेह को पहले से मौजूद रोग के रूप में माना जाता है इसलिए पॉलिसी में 12 माह से दो वर्ष तक वेटिंग पीरियड रखा जाता है जो कई बार चार वर्ष तक चला जाता है। ऐसे मधुमेह के लिए विशेष रूप से तैयार की गई पॉलिसी लेनी चाहिए जो अन्य स्वास्थ्य बीमा के मुकाबले ज्यादा समावेशी है और अन्य कठिनाइयां भी कवर करती है।

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मधुमेह विशेष बीमा प्लान के फायदे

आज मधुमेह रोग काफी हो रहा है और क्लेम भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में समय से बीमा कवर लेना ठीक रहता है ताकि बीमारी और इसके साथ आने वाले आर्थिक तनाव को झेला जा सके। इससे प्रीमियम में भी फायदा होता है। एक स्वस्थ व्यक्ति सात से नौ हजार रुपये प्रतिवर्ष का स्वास्थ्य बीमा कवर ले सकता है। लेकिन मधुमेह रोगी के लिए यह 18 से 20 हजार रुपये प्रतिवर्ष तक हो सकता है। जब बीमा लेने की बात आती है तो यह जरूरी होता है कि ऐसी पॉलिसी देखी जाए जो सिर्फ उपचार का खर्च ही नहीं बल्कि अस्पताल में भर्ती होने का खर्च भी कवर करे। ऐसी पॉलिसी सबसे अच्छी होती है जो अस्पतालों के बड़े नेटवर्क से जुडी हो और यदि जरूरत हो तो इस नेटवर्क से बाहर भी काम कर सके। ऐसा इमरजेंसी के लिए जरूरी होता है, क्योंकि उस समय हम उपचार के लिए सबसे नजदीकी अस्पताल में ही जाते है। इसके अलावा ऐसी पॉलिसी भी है जो मधुमेह के उपचार के साथ होने वाली अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को भी कवर करती है। कुछ बीमा कम्पनियां ऐसी हैं जो पहले से मधुमेह को कवर करने वाली पॉलिसी हो तो मधुमेह के लिए पॉलिसी नहीं देते। लेकिन कुछ पॉलिसियां ऐसे रोगियों को भी कवर देती हैं। जब आप किसी मधुमेह विशेष बीमा में निवेश कर रहे हैं तो यह सारे पहलू ध्यान में रखना जरूरी है। 

मधुमेह विशेष प्लान इस गंभीर बीमारी के लिए अहम और विशेष कवर प्रदान करते है। ऐसे में अपनी सामान्य स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के साथ ही मधुमेह विशेष पालिसी लेना समझदारी भरा निर्णय है। हालांकि सबसे ज्यादा जरूरी है कि अपनी जीवनशैली में बदलाव लाएं स्वस्थ रहें नियमित व्यायाम करें अच्छा भोजन करें और नियमित तौर पर स्वास्थ्य जांच कराएं। समय पर रोग का पता लग जाए तो यह आपको शारीरिक और आर्थिक हर तरह के नुकसान से बचाता है।

आनंद राय
जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर
स्टार हेल्थ एंड एलीड इंश्योरेंस 

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