सनी देओल का डॉयलॉग ये ढाई किलो का हाथ है... आपने सुना होगा। मगर पंजाब के जिला फतेहगढ़ साहिब के गांव टिंबरपुर के 26 वर्षीय अकबर अपने 35 किलो के हाथ से खासा परेशान हैं। वे अपने हाथ के कारण न तो ठीक से खड़े हो पाते हैं न कोई काम कर पाते हैं। 25 किलो के अकबर 35 किलो के हाथ का वजन उठाते-उठाते थक चुके हैं। स्थिति यह है कि अब उन्हें सांस लेने में भी तकलीफ होने लगी है। उनकी सलामती की दुआ मांगते हुए परिजन उन्हें लेकर पीजीआई पहुंचे हैं जहां शुक्रवार को अकबर को न्यू ओपीडी के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में डॉक्टरों को दिखाया गया।
ढाई नहीं 35 किलो का है ये हाथ: 25 किलो है अकबर का वजन, मुसीबत- इसे कैसे संभाले
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परिजनों ने बताया कि काइफोस्कोलियोसिस बीमारी से ग्रस्त अकबर का 2017 में इलाज शुरू हुआ था लेकिन उसके बाद इलाज बंद हो जाने से स्थिति और गंभीर हो गई है। फिलहाल इलाज के लिए परिजन पीजीआई में ही डेरा डाले हैं। प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉक्टर सुनील गाबा ने उन्हें आगे के इलाज के लिए हड्डी रोग विभाग में परामर्श लेने की सलाह दी है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार अकबर के परिजन हड्डी रोग विशेषज्ञ को दिखाने के लिए इंतजार कर रहे हैं। अकबर की मां का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि पीजीआई उनके बेटे की जिंदगी बचा सकता है।
जरा सी लापरवाही ने जिंदगी बना दी कठिन
अकबर के चाचा हरप्रीत ने बताया कि उनका भतीजा बचपन से ही हाथ में परेशानी से ग्रस्त था। शुरुआती दौर में उसके हाथ में गांठ थी, जो उम्र के साथ बढ़ती चली गई। पहले तो वह अपना हाथ आसानी से उठा लेता था लेकिन पिछले तीन वर्षों से उसकी समस्या काफी बढ़ गई है। चार फुट के अकबर के हाथ का वजन 35 किलो हो गया है। ऐसे में वह न तो ठीक से खड़ा हो पाता है न अपना कोई काम कर पाता है।
हरप्रीत ने बताया कि 2017 में जब परिजनों ने उसे पीजीआई में दिखाया तो डॉक्टरों ने सर्जरी करने की सलाह दी थी। उस दौरान सर्जरी कर उसके हाथ से अतिरिक्त मांस निकाल दिया गया था लेकिन आर्थिक तंगी के चलते बराबर फॉलोअप में नहीं आ सके। इसके कारण धीरे-धीरे वह फिर पहले की तरह हो गया। अब स्थिति यह है कि वह सांस भी नहीं ले पा रहा है।
आप भी जान लें काइफोस्कोलियोसिस
काइफोस्कोलियोसिस रीढ़ की हड्डी की असामान्यता है। स्कोलियोसिस के कारण रीढ़ की हड्डी कोरोनल प्लेन पर असामान्य रूप से वक्र हो जाती है यानी बगल में मुड़ जाती है। इससे पीठ कद्ग गोल या कूबड़ वाला रूप हो जाता है। काइफोस्कोलियोसिस वाले लोगों में रीढ़ एक ही समय में दोनों तरफ और आगे या पीछे की ओर झुकती है। यह स्थिति जन्म सहित किसी भी उम्र में हो सकती है। स्थिति के बारे में एक केस रिपोर्ट के अनुसार 80 प्रतिशत मामले अज्ञात होते हैं।