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अमृतसर ट्रेन हादसा: सामने से आई मौत को भी मात दे गए ये 5 शख्स, एक तो इनमें दूधमुंहा बच्चा

Tue, 23 Oct 2018 03:36 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब) Updated Tue, 23 Oct 2018 03:36 PM IST
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Amritsar Train Accident, Four People Saved Luckily, 10 Months Baby Saved by Lady
Amritsar train accident - फोटो : PTI
अमृतसर ट्रेन हादसे में 59 लोगों की जान चली गई, वहीं कुछ लोग ऐसे भी रहे, जिन्होंने सामने से आ रही मौत को मात दे दी। इनमें एक दूधमुंहा बच्चा भी था, जो बाप के हाथ से छिटकने के बाद भी बाल-बाल बच गया। जानिए इनके बारे में...
Amritsar Train Accident, Four People Saved Luckily, 10 Months Baby Saved by Lady
अमृतसर ट्रेन हादसा
महिला ने लपक लिया बच्चा
तेज गति से दौड़ती हुई एक ट्रेन आई और एक व्यक्ति को इस तरह से टक्कर मारी कि वह हवा में उड़ गया। इस दौरान उसकी गोद में एक बच्चा भी था, जो उसके हाथों से छूट गया। यह देखकर एक महिला दौड़ी आई और उसने बच्चे को लपक लिया। अगर बच्चा नीचे गिरता तो उसे गहरी चोट लगती और वह न बचता। हालांकि ऐसे करने में महिला को चोट भी लगी, लेकिन उसने अपनी परवाह किए बिना ही हवा में उछल कर उस बच्चे को बचा लिया। वह अब उस बच्चे को अपने घर ले आई है और उसकी देखभाल कर रही है। उसका कहना है कि अगर उसका कोई वारिस नहीं मिला, तो वह उसे पालेगी।
Amritsar Train Accident, Four People Saved Luckily, 10 Months Baby Saved by Lady
अमृतसर ट्रेन हादसा
पिता की मौत, गोद में रहा 10 माह का बच्चा ऐसे बचा
ऐसा ही एक दूसरा मामला, जिसमें पिता ने 10 महीने के बच्चे को जिंदगी देकर अपनी जान गंवा दी। पिता ट्रेन की चपेट में आ गए, लेकिन बच्चे को बचाने के लिए उन्होंने उसे उछाल दिया, पर ऐसे कि बच्चा महिल की गोद में जाकर गिरे। हुआ भी ऐसा ही, बच्चा महिला की गोद में जा गिरा। हालांकि बच्चे को मामूली चोट लगी, लेकिन जान बच गई। बच्चे के पिता की मौत हो गई और उसकी मां भी लापता हो गई। दो-दिन की मशक्कत के बाद पुलिस ने बच्चे की मां को ढूंढ़ लिया। परिवार से बिछड़ने के बाद से गुमसुम बच्चा मां को देखते ही चहक उठा। हादसे के 42 घंटे बाद 10 महीने का विशाल जब मां की गोद में पहुंचा तो खुशी के मारे चहकने लगा।
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Amritsar Train Accident, Four People Saved Luckily, 10 Months Baby Saved by Lady
अमृतसर ट्रेन हादसा
खुशकिस्मत रहा ये इंसान, वरना चली जाती 3 लोगों की जान
अमृतसर में हुए ट्रेन हादसे में 61 लोग मर गए, वहीं एक इंसान ऐसा रहा जिसका किस्मत ने साथ दिया। वरना तीन लोगों की जान चली जाती और पूरा परिवार खत्म हो जाता। उसे कुछ अंदेशा हुआ और पत्नी को खींच लिया। वरना उसकी जान चली जाती और साथ में बेटी की, उसकी खुद की भी। पवन ने बताया कि बेटी उनके कंधे पर बैठी थी और पत्नी ने भी हाथ पकड़ रखा था। एक ट्रैक पर ट्रेन की वजह से हादसा हो चुका था। हम दूसरे ट्रैक पर थे कि दूसरी ट्रेन का हॉर्न सुनाई दिया। ट्रेन को रास्ता देने के लिए ट्रैक से हटने लगे कि वह स्पीड से आ गई। गनीमत रही कि उन्होंने पत्नी को हाथ पकड़ खींच लिया और वह ट्रैक की साइड में गिर गई। मैं भी गिर गया, लेकिन बेटी को पकड़ लिया। मेरी आंखों के आगे बिल्कुल अंधेरा छा गया था।
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Amritsar Train Accident, Four People Saved Luckily, 10 Months Baby Saved by Lady
अमृतसर ट्रेन हादसा
ट्रेन से टक्कर हुई पर साइड में गिर गए, बाल-बाल बच गए
आंखों से मौत का लाइव तांडव देखने वाले खन्ना सक्सेना बाल-बाल बच गए। उन्होंने बताया कि अचानक एक तेज आंधी आई और पांच सेकेंड बाद चारों तरफ चीख पुकार थी। मेरे हाथ पांव फूल गए, कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि हुआ क्या है, मैं किधर जाऊं। दिल की धड़कन बढ़ चुकी थी और चक्कर आ रहे थे। कुछ सेकेंड बाद खुद को संभाला तो पता चला कि डीएमयू ने कई लोगों को कुचल डाला है। मेरे साथ जगनंदन और अन्य साथी आए हुए थे। सब कहां चले गए कुछ पता ही नहीं चला। मोबाइल पर टार्च जलाया तो 35 मिनट बाद जाकर जगनंदन दिखाई दिया, जो पटरी के बाहर औधे मुंह पड़ा हुआ था। किसी तरह से जगनंदन को उठाकर अस्पताल लाए तो पता चला कि टांग में फ्रैक्चर हो गया है। पैर की हड्डी भी दब गई है।
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