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चंडीगढ़ के दोस्त ने बताए अब्दुल कलाम की जिंदगी के 8 राज

Thu, 30 Jul 2015 08:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 30 Jul 2015 08:07 AM IST
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चंडीगढ़ के दोस्त ने बताए अब्दुल कलाम की जिंदगी के 8 राज

apj abdul kalam chandigarh friend manjit singh shared secrets

मिसाइल मैन अब्दुल कलाम के दोस्त व टर्मिनल बैलास्टिक रिसर्च लैबोरेटरी (टीबीआरएल) के डायरेक्टर मंजीत सिंह ने उनकी जिंदगी से जुड़े राज खोले तो सुन सब दंग रह गए। रिपोर्टः आशीष वर्मा रिपोर्टः आशीष वर्मा

चंडीगढ़ के दोस्त ने बताए अब्दुल कलाम की जिंदगी के 8 राज

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मंजीत सिंह बताते हैं कि एपीजे अब्दुल कलाम जमीन से जुड़े व्यक्ति थे। छोटी-छोटी बातों को वे हमेशा याद रखते थे। वे कभी थकते नहीं थे। 18 घंटे से ज्यादा काम करते थे। आम आदमी स्वभाव वाले व्यक्ति थे। प्रेसिडेंट होकर भी सभी ई-मेल व पत्रों का जवाब देते थे।

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मिसाइलमैन के साथ अपने एक अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि एक बार वे यूएस में रिसर्च पेपर प्रजेंट करने गए थे। जब लौटकर आए तो कुछ दिन बाद पता चला कि साउथ अफ्रीका में एक और कांफ्रेंस है और वहां भी रिसर्च पेपर पेश करना है। डिपार्टमेंट का नियम था कि एक बार विदेश में पेपर प्रजेंट करने के बाद दोबारा कुछ समय बाद ही देश से बाहर जा सकते हैं। डिपार्टमेंट की तरफ से कुछ समय सीमा तय की गई थी।

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मंजीत ने बताया कि उन्हीं दिनों अब्दुल कलाम चंडीगढ़ आए। उन्होंने पूछा कि साउथ अफ्रीका में पेपर प्रजेंट करने जा रहे हैं। मंजीत ने कहा कि वे नहीं जा सकते। कोई दूसरा साइंटिस्ट जाएगा। डिपार्टमेंट के नियम के मुताबिक एक बार विदेश जाने के कुछ दिन बाद ही दोबारा जाने की परमिशन है। कलाम को थोड़ा अटपटा लगा और कहा ये क्या नियम है। अच्छे साइंटिस्ट को तो कांफ्रेंस में जरूर जाना चाहिए।

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मंजीत ने बताया कि लैब का दौरा करने के बाद कलाम चले गए और वे भी उस बात को भूल गए। कुछ दिनों बाद डीआडीओ से मंजीत सिंह के नाम पर एक आफिशियल लेटर आया। वह मंजीत सिंह को साउथ अफ्रीका में रिसर्च पेपर प्रजेंट करने का परमिशन लेटर था। जब उन्होंने लेटर देखा तो वे दंग रह गए। उन्हें विश्वास ही नहीं था कि अब्दुल कलाम ऐसी छोटी सी छोटी बातों को भी याद रखते होंगे।

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