दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली एकतरफा जीत से पंजाब में भी आम आदमी पार्टी उत्साहित है। पार्टी का अगला लक्ष्य भी 2022 पंजाब विधानसभा चुनाव है। चुनाव को लेकर गतिविधियां 2021 के पहले महीने से शुरू हो जाएंगी। इसी बीच पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के आम आदमी पार्टी में शामिल होने की राजनीतिक अटकलें भी शुरू गईं। हालांकि इस पूरे मामले में आप का एक बयान आया है। आइए जानते हैं पूरी कहानी...
Pics: क्या केजरीवाल का दामन थामेंगे नवजोत सिंह सिद्धू, अटकलों पर 'आप' ने दिया बड़ा बयान
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कैबिनेट मंत्री का पद छोड़ने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू राजनीतिक गतिविधियों से एकदम दूर हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने जीत दर्ज की तो पंजाब में अटकलों का दौर शुरू हो गया। अब आप ने नवजोत सिंह सिद्धू समेत विभिन्न दलों के नेताओं के शामिल होने की तेज हुई अटकलों पर विराम लगा दिया। पार्टी ने साफ कर दिया है कि पार्टी फिलहाल संगठन को मजबूत करने और स्थानीय मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।
इसके बाद चुनावी रणनीति के लिए पार्टी सुप्रीमो के निर्देश पर ही कोई फैसला लिया जाएगा। पार्टी ने इस बात से भी इनकार किया कि अरविंद केजरीवाल फरवरी के अंतिम सप्ताह में पंजाब में कोई रैली करेंगे। पार्टी ने कहा कि केजरीवाल दिल्ली में सरकार बनाने में व्यस्त हैं और अभी उनका पंजाब का कोई कार्यक्रम नहीं है। दरअसल, पंजाब 'आप' ने जैसे ही यह एलान किया कि उसका लक्ष्य 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव हैं तो इसी के साथ राजनीतिक गलियारों और मीडिया में कई तरह की अटकलें शुरू हो गई हैं।
सबसे पहली चर्चा आम आदमी पार्टी के बागी विधायकों के पार्टी में लौटने के बारे में शुरू हुई। कहा गया कि सुखपाल सिंह खैरा, कंवर संधू समेत बागी विधायक पार्टी में लौटने के इच्छुक हैं। इन नेताओं ने हालांकि कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया लेकिन आम आदमी पार्टी के प्रति उनका रुख भी काफी नरम दिखाई दिया। इसी बीच, यह चर्चा भी शुरू हुई कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के मनमुटाव के चलते कैबिनेट मंत्री पद छोड़ चुके नवजोत सिंह सिद्धू आम आदमी पार्टी ज्वाइन करेंगे। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी लेकिन अनुमान लगाया गया कि मंत्री पद छोड़ने के बाद से सिद्धू पार्टी के किसी भी कार्यक्रम में और विधानसभा सत्रों में भी दिखाई नहीं दे रहे।
कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें स्टार प्रचारक बनाया लेकिन वे न तो चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के दौरान और न ही दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के लिए प्रचार करने निकले। उधर, सीनियर कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा समेत कैप्टन से मतभेद वाले प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के भी आप से जुड़ने की अटकलें जारी हैं। इन सभी अटकलों के पीछे एक कारण यह भी रहा कि करीब एक माह पहले आप विधायक अमन अरोड़ा ने एक बयान में संकेत दिए थे कि पार्टी अन्य दलों के कई सीनियर नेताओं से संपर्क में है।