गुरु रामदास कालोनी स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके में 23 लोगों की मौत से पूरे बटाला में मातम छा गया है। धमाके की खबर सुन पूरा शहर कालोनी में उमड़ पड़ा और जिससे भी जो सहयोग हो सका, वह किया। यह पहला मौका नहीं जब इस फैक्ट्री में धमाका हुआ है। इससे पहले भी इसी फैक्ट्री में जनवरी 2017 में धमाका हुआ था।
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घायलों का अस्पताल में चल रहा इलाज
- फोटो : अमर उजाला
उस धमाके में एक मजूदर अभिषेक पुत्र मुन्ना निवासी बिहार जख्मी हो गया था और फैक्ट्री में आग लग गई थी। वह लगभग 90 प्रतिशत झुलस गया था। पटाखा फैक्ट्री कई सालों से रिहायशी क्षेत्र में चल रही है। मोहल्ला के लोगों ने कहा कि कई बार प्रशासन को लिखित में देने के बाद भी फैक्ट्री को यहां से शिफ्ट करने के लिए कुछ नहीं किया गया।
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बटाला और अमृतसर के अस्पताल में भर्ती घायल
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जिस रिहायशी क्षेत्र में यह फैक्ट्री थी, ठीक उसी रोड पर पास ही में सेंट फ्रांसिस कान्वेंट स्कूल है। छुट्टी के बाद यह रोड बच्चों से खचाखच भरा रहता है। बच्चों की छुट्टी करीब 2 बजे हो जाती है। धमाका करीब चार बजे के पास हुआ। अगर यह धमाका दो-ढाई बजे के बीच होता तो एक बहुत बड़ा हादसा हो सकता था।
इस दुर्घटना की वजह से बाबे दा ब्याह पर्व मनाने की खुशी आधी हो गई है। बटाला में पिछले कई दिनों से विवाह पर्व को लेकर जो खुशियां देखी जा रही थी वह बुधवार को मातम में बदल गई। शिरोमणि प्रबंधक कमेटी ने गुरुवार को मनाया जाने वाला श्री गुरु नानक देव जी का विवाह पर्व को बिल्कुल सादे ढंग से मनाने का फैसला किया है। गुरुद्वारा कंध साहिब के मैनेजर गुरतिंदरपाल सिंह भाटिया ने बताया कि नगर कीर्तन का रूट प्लान बदल दिया गया है।
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दूर-दूर तक फैला मलबा
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पांच सितंबर को नगर कीर्तन उस रोड से नहीं गुजरेगा, जिसके पास यह हादसा हुआ है। उन्होंने कहा कि इस बार शोक में कोई आतिशबाजी नहीं की जाएगी और न ही फूलों की वर्षा होगी। वहीं घटना में घायल हुए पीड़ितों का श्री गुरू रामदास अस्पताल वल्ला में फ्री इलाज किया जाएगा।
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