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जिसके मर्डर का केस दर्ज कराया, अचानक वो सामने आकर खड़ा हो गया, सब हक्के-बक्के
ब्यूरो/अमर उजाला, भिवानी(हरियाणा)
Updated Wed, 04 Apr 2018 04:57 PM IST
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लापता हुआ युवक
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लोगों की आंखें उस समय फटी की फटी रही गई, जब जिसके मर्डर का केस दर्ज करा चुके थे, वो अचानक सामने आकर खड़ा हो गया। मामला हरियाणा के भिवानी का है। चरखी दादरी जिले के गांव हंसावास से तीन दिन पहले लापता हुए 40 वर्षीय युवक की हत्या कर शव को खुर्द-बुर्द किए जाने का मामला बहल (भिवानी) पुलिस ने दर्ज किया, लेकिन एफआईआर दर्ज होने के करीब सात घंटे बाद युवक घर पहुंचा तो सब हक्के-बक्के रह गए।
एफआईआर दर्ज होने के चंद घंटे बाद ही आधी रात को लौटा संजय
लापता हुआ युवक
पुलिस की ओर से हत्या का मामला दर्ज करने के बाद उसी दिन रात 12 बजे संजय सकुशल घर लौट आया। संजय को देखकर परिवार व पुलिस दोनों चौंक पड़े। अब यह मामला पुलिस के लिए आफत बना हुआ है। पुलिस की जांच पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। संजय की पत्नी ने कहा कि सकुशल लौटे पति को देखकर वह खुश है, लेकिन अभी उसका पति उन्हें पूरी बात नहीं बता रहा है।
कई सवाल अब भी अनुत्तरित
सबसे बड़ा सवाल ये है कि फोन पर मारपीट की बात सुनने के बाद भी उसकी पत्नी व परिजनों ने अनजान व्यक्ति को अपने पास ही सुलाने की बात कही और अगले तीन दिन तक भी घटनास्थल ओबरा गांव में जाकर छानबीन करना भी उचित नहीं समझा। जबकि यह गांव बहल के पास ही बताया जाता है। पुलिस ने भी गांव ओबरा में जाकर छानबीन करना या फिर फोन पर रही बातचीत की रिकॉर्डिंग तक लेना जरूरी नहीं समझा। प्राथमिक आधार पर केस दर्ज करने की बात भी करें तो पहले उसके लापता होने का केस दर्ज किया जाना था।
कई सवाल अब भी अनुत्तरित
सबसे बड़ा सवाल ये है कि फोन पर मारपीट की बात सुनने के बाद भी उसकी पत्नी व परिजनों ने अनजान व्यक्ति को अपने पास ही सुलाने की बात कही और अगले तीन दिन तक भी घटनास्थल ओबरा गांव में जाकर छानबीन करना भी उचित नहीं समझा। जबकि यह गांव बहल के पास ही बताया जाता है। पुलिस ने भी गांव ओबरा में जाकर छानबीन करना या फिर फोन पर रही बातचीत की रिकॉर्डिंग तक लेना जरूरी नहीं समझा। प्राथमिक आधार पर केस दर्ज करने की बात भी करें तो पहले उसके लापता होने का केस दर्ज किया जाना था।
संजय बोला, उसे कुछ याद नहीं क्या हुआ
लापता हुआ युवक
- फोटो : demo pic
परिजन संजय को लेकर मंगलवार सुबह बहल थाने पहुंचे। संजय पुलिस के सामने कहानी बनाता रहा। उसने कहा कि उसके कुछ याद नहीं, कि वह कहां था।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हत्या की एफआईआर दर्ज की। पुलिस घटना स्थल पर पहुंचती इससे पहले संजय जिंदा लौट आया। जिंदा लौटा व्यक्ति एक ही बात कह रहा है, कि मुझे कुछ याद नहीं आ रहा है कि वह तीन दिन कहां था और क्या हुआ। वैसे तो मामले की जांच की जा रही है। गांव ओबरा के बस अड्डे पर झगड़े के बारे में पता किया तो वहां किसी तरह का कोई झगड़ा ना होने की बात सामने आई है। यह मामला अब रद्द किया जाएगा।
- सुखवीर सिंह, एसएचओ थाना बहल
संजय पुलिस को कुछ नहीं बता पा रहा है। संजय का कहना है कि उसे कई वर्ष पहले सिर में चोट लगी थी, इस वजह से अब उसे कुछ याद नहीं कि उसके साथ क्या हुआ। फिलहाल पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करा दी जाएगी।
- संजय बिश्नोई, डीएसपी, सिवानीमंडी
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हत्या की एफआईआर दर्ज की। पुलिस घटना स्थल पर पहुंचती इससे पहले संजय जिंदा लौट आया। जिंदा लौटा व्यक्ति एक ही बात कह रहा है, कि मुझे कुछ याद नहीं आ रहा है कि वह तीन दिन कहां था और क्या हुआ। वैसे तो मामले की जांच की जा रही है। गांव ओबरा के बस अड्डे पर झगड़े के बारे में पता किया तो वहां किसी तरह का कोई झगड़ा ना होने की बात सामने आई है। यह मामला अब रद्द किया जाएगा।
- सुखवीर सिंह, एसएचओ थाना बहल
संजय पुलिस को कुछ नहीं बता पा रहा है। संजय का कहना है कि उसे कई वर्ष पहले सिर में चोट लगी थी, इस वजह से अब उसे कुछ याद नहीं कि उसके साथ क्या हुआ। फिलहाल पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करा दी जाएगी।
- संजय बिश्नोई, डीएसपी, सिवानीमंडी