फिगर हो तो देश की 'लेडी खली' जैसा। अगर लड़कियां ऐसी बॉडी बनाना चाहती हैं तो इस डाइट को रुटीन बनाओ, पहलवानों को भी चित्त कर दोगी।
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लेडी खली पहलवान कविता दलाल
हम बात कर रहे हैं कि हार्ड केडी और द ग्रेटी खली की स्टूडेंट पहलवान कविता दलाल की, जो अमेरिका के फ्लोरिडा में 13 से 14 जुलाई तक डब्ल्यूडब्ल्यूई माय यंग क्लासिक चैंपियनशिप के लिए रवाना हो चुकी हैं। 30 वर्षीय कविता दलाल इसमें हिस्सा लेने वाली पहली भारतीय महिला हैं। डब्ल्यूडब्ल्यूई के रिंग में वे 31 पहलवानों से भिड़ेंगी। कविता समेत कई देशों की 32 महिला रेसलर इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी।
टूर्नामेंट के लिए वह अमेरिका में काफी दिन रहेंगी और इस दौरान खाने के बाद मीठा खाने के लिए वे मां के हाथों से बने देसी घी के लड्डू साथ ले गई हैं। कविता दलाल की मां ज्ञानमती उनके डाइट प्लान के बारे में बात कर रही हैं। उन्होंने बताया कि कविता बचपन से ही तगड़ी थी। जब वह महज पांच साल की थी तब वह हर रोज एक बार में आधा किलो दूध पी जाती थी। उसे हलवा, चूरमा, पूड़े खाने का बड़ा शौक था।
कविता पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी कविता सबसे ताकतवर है। अब भी वह खाने में देसी घी, दूध और दही ही ज्यादा खाती है। ज्ञानमती बताती हैं कि उन्हें यह तो पता था कि उनकी बेटी तगड़ी है। लेकिन यह उम्मीद नहीं थी कि वह इतनी ताकतवर हो जाएगी कि पूरी दुनिया की ताकतवर महिलाओं के साथ रिंग में लड़ेगी। अब उन्हें पूरा विश्वास है कि वह दुनिया में काफी नाम कमाएगी।
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पहलवान कविता दलाल
- फोटो : फाइल फोटो
कविता की मां कहती हैं कि कविता काफी ताकतवर है। उसके आगे विदेशी महिला पहलवान टिक नहीं पाएंगी। वो सब को चित्त कर देगी। जाते समय मुझसे कह गई है कि मैं ये चैंपियनशिप जरूर जीतूंगी। मुझे देश का दुनिया में नाम रोशन करना है।