थोड़ी अजीब सी है, पर स्टूडेंट्स के लिए ये खबर बड़े काम की है। अब एग्जाम के बाद किताबें लौटाओ और दो प्रतिशत अंक पाओ, जल्दी से फायदा उठाओ।
हैरान रह गए न ये जानकर, पर ये सच है और हरियाणा की सरकार ने यह स्कीम लागू की है। दरअसल, हर साल सरकारी स्कूलों में छात्रों को वितरित की जाने वाली नई पाठ्य पुस्तकों की कमी के संकट और समय पर न छप पाने की वजह से पढ़ाई के हर्जाने से निपटने के लिए हरियाणा शिक्षा विभाग ने नया फार्मूला तैयार किया है।
इसके तहत अब जो भी छात्र परीक्षा खत्म होने के बाद अपनी पुस्तकें सकुशल क्लास टीचर को लौटाएगा, उसे फाइनल परीक्षा की इंटरनल एस्सेसमेंट में दो प्रतिशत अतिरिक्तअंक प्राप्त होंगे। यानी पुस्तकें लौटाने भर से उसका रिजल्ट और बेहतर हो जाएगा। विभाग का मानना है कि निशुल्क वितरित की गई पुस्तकों को एक साल बाद उपयोग से बाहर करना मुमकिन नहीं है और पर्यावरण के लिहाज से अनुकूल भी नहीं है।
4 of 7
स्कूल चलो
- फोटो : amar ujala
इस संबंध में विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने सूबे के सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों और खंड मौलिक शिक्षा अधिकारियों को सर्कुलर भेजकर संबंधित दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक की सभी पाठ्य पुस्तकें छात्रों को निशुल्क प्रदान की जाती हैं।
5 of 7
Chandigarh Government Schools
पर, हर साल समस्या यह पेश आती है कि ये पुस्तकें न तो समय पर प्रकाशित हो पाती हैं और न ही ही समय पर वितरित हो पाती हैं। इस सत्र में भी अब एक जुलाई से छात्रों को किताबें वितरित की गईं। हैरत की बात यह है कि स्कूल खुले तीन माह गुजर गए हैं और अब किताबें वितरित की जा रही हैं। इसी को देखते हुए अब निदेशालय ने शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।