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मिलिए, 6वीं पास 'अरबपति' से...एक हरकत ने उसे लाकर खड़ा किया अर्श से फर्श पर, झटके में सब बर्बाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहाबाद(हरियाणा)
Updated Tue, 11 Sep 2018 02:58 PM IST
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फ्यूचर मेकर के मालिक राधेश्याम
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6वीं पास इस अरबपति के बारे में जानकर चौंक जाएंगे, जिसे उसकी एक हरकत ने अर्श से फर्श पर लाकर पटकर दिया और एक झटके में सब कुछ बर्बाद हो गया।
फ्यूचर मेकर के मालिक राधेश्याम
हम बात कर रहे हैं एमएलएम कंपनी फ्यूचर केयर खड़ी करने वाले राधेश्याम की, जो सातवीं फेल हैं और उन्होंने मात्र साढ़े तीन साल में अरबों का साम्राज्य खड़ा कर दिया। फ्यूचर मेकर कंपनी बनाकर राधेश्याम ने मल्टी लेवल मार्केटिंग के क्षेत्र में कदम रखा और मात्र पांच साल में इस क्षेत्र का बादशाह बनने की ठानी। राधेश्याम खुद सीएमडी बना और फतेहाबाद जिले के गांव टिब्बी निवासी बंसीलाल सिहाग को मैनेजिंग डायरेक्टर बनाया। राधेश्याम जहां सेमिनार के जरिये ज्यादा से ज्यादा लोगों को कंपनी के साथ जोड़ने का काम करता रहा तो बंसीलाल पूरी मैनेजमेंट को संभालता है।
फ्यूचर मेकर के मालिक राधेश्याम
बड़ी तेजी से आगे बढ़ा राधेश्याम का कारवां
आदमपुर में जिस समय प्रॉपर्टी डीलिंग के काम में उछाल आया उस समय राधेश्याम ने अपने छोटे भाई के साथ मिलकर प्रॉपर्टी में भी अच्छा पैसा कमाया। मगर जैसे ही प्रॉपर्टी डीलिंग के काम में मंदी आई तो वह नया काम तलाशने लगा। दुनियादारी के दांव-पेच सीख चुके राधेश्याम ने फ्यूचर मेकर कंपनी खोली और बड़ी तेजी से अपने कारवां को आगे बढ़ाया। बताया जा रहा है कि राधेश्याम के गांव सीसवाल के भी अधिकांश लोगों ने कंपनी से जुड़कर अच्छा पैसा लगाया हुआ है। कई ग्रामीणों ने तो टारगेट अचीव करके गाड़ियों से लेकर बड़े इनसेंटिव तक प्राप्त किए हैं।
आदमपुर में जिस समय प्रॉपर्टी डीलिंग के काम में उछाल आया उस समय राधेश्याम ने अपने छोटे भाई के साथ मिलकर प्रॉपर्टी में भी अच्छा पैसा कमाया। मगर जैसे ही प्रॉपर्टी डीलिंग के काम में मंदी आई तो वह नया काम तलाशने लगा। दुनियादारी के दांव-पेच सीख चुके राधेश्याम ने फ्यूचर मेकर कंपनी खोली और बड़ी तेजी से अपने कारवां को आगे बढ़ाया। बताया जा रहा है कि राधेश्याम के गांव सीसवाल के भी अधिकांश लोगों ने कंपनी से जुड़कर अच्छा पैसा लगाया हुआ है। कई ग्रामीणों ने तो टारगेट अचीव करके गाड़ियों से लेकर बड़े इनसेंटिव तक प्राप्त किए हैं।
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फ्यूचर मेकर के मालिक राधेश्याम
लोगों को साथ जोड़ने की कला में माहिर है राधेश्याम
राधेश्याम बेशक सातवीं फेल है लेकिन वह लग्जरी लाइफ का प्रदर्शन कर लोगों को अपने साथ जोड़ने की कला में माहिर है। इसीलिए जहां भी सेमिनार होता था, वहां पहले उसकी विशेष टीम पहुंचती थी जो उसे मसीहा के तौर पर पेश करती। उसके बाद खुद राधेश्याम मंच पर आकर लोगों को मोटीवेट करता। हर सेमिनार में वह लोगों को करोड़पति बनाने के हसीन सपने दिखाता रहा और हजारों की संख्या में लोग जुड़ते गए। मात्र तीन साल में ही कंपनी एक करोड़ से अधिक लोगों को अपने साथ जोड़ने का दावा करती रही है।
राधेश्याम बेशक सातवीं फेल है लेकिन वह लग्जरी लाइफ का प्रदर्शन कर लोगों को अपने साथ जोड़ने की कला में माहिर है। इसीलिए जहां भी सेमिनार होता था, वहां पहले उसकी विशेष टीम पहुंचती थी जो उसे मसीहा के तौर पर पेश करती। उसके बाद खुद राधेश्याम मंच पर आकर लोगों को मोटीवेट करता। हर सेमिनार में वह लोगों को करोड़पति बनाने के हसीन सपने दिखाता रहा और हजारों की संख्या में लोग जुड़ते गए। मात्र तीन साल में ही कंपनी एक करोड़ से अधिक लोगों को अपने साथ जोड़ने का दावा करती रही है।
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फ्यूचर मेकर के मालिक राधेश्याम
जगुआर गाड़ी लेकर दिखाया रुतबा
सीएमडी के तौर पर राधेश्याम ने अच्छे खासे पैसे कमाने के बाद अपना रुतबा बढ़ाना भी शुरू किया। सबसे पहले जगुआर गाड़ी खरीदकर रुतबा बढ़ाया। आदमपुर क्षेत्र में राजनीतिक लोगों को छोड़ दिया जाए तो राधेश्याम पहला ऐसा व्यक्ति है, जिसके पास लग्जरी गाड़ियों की भरमार थी। वहीं अपने साथ सिक्योरिटी के तौर पर भी कई युवाओं को राधेश्याम ने रखना शुरू किया। जिस भी कार्यक्रम में राधेश्याम जाता था, उसमें पहले उसकी टीम पहुंचकर सिक्योरिटी व अन्य व्यवस्थाओं की जांच करती थी।
सीएमडी के तौर पर राधेश्याम ने अच्छे खासे पैसे कमाने के बाद अपना रुतबा बढ़ाना भी शुरू किया। सबसे पहले जगुआर गाड़ी खरीदकर रुतबा बढ़ाया। आदमपुर क्षेत्र में राजनीतिक लोगों को छोड़ दिया जाए तो राधेश्याम पहला ऐसा व्यक्ति है, जिसके पास लग्जरी गाड़ियों की भरमार थी। वहीं अपने साथ सिक्योरिटी के तौर पर भी कई युवाओं को राधेश्याम ने रखना शुरू किया। जिस भी कार्यक्रम में राधेश्याम जाता था, उसमें पहले उसकी टीम पहुंचकर सिक्योरिटी व अन्य व्यवस्थाओं की जांच करती थी।