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देश में बेरोजगारी का आलम तो देखिए, चपरासी की नौकरी के लिए पहुंचे Mphill, BTech वाले
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
Updated Fri, 05 Jan 2018 01:11 AM IST
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देश में बेरोजगारी का आलम देखिए। यहां 8वीं पास चपरासी की नौकरी के लिए एमफिल, बीटैक डिग्री धारक इंटरव्यू देने पहुंचे।
चपरासी पद के लिए पहले दिन हुए 960 अभ्यर्थियों के इंटरव्यू
हरियाणा के हिसार अदालत परिसर में बुधवार को चपरासी पद के लिए साक्षात्कार शुरू हुए जिसमें पहले दिन करीब 960 आवेदक इंटरव्यू देने पहुंचे। कुल 17 पदों के लिए 14,412 आवेदन आए हैं। चपरासी बनने के लिए बीए, एमए, एमफिल, बीटैक सहित तमाम डिग्री धारक हैं। इन पदों के लिए हरियाणा के अलावा यूपी व राजस्थान के आवेदक भी आ रहे हैं।
चपरासी पद के लिए पहले दिन हुए 960 अभ्यर्थियों के इंटरव्यू
एमए पास हूं, सरकारी नौकरी चाहे चपरासी की मिल जाए
यूपी के इलाहबाद से आए अभिषेक ने बताया कि वह एमएम हिंदी है। बेरोजगारी के चलते उसने चपरासी पद के लिए आवेदन किया है। कई जगह प्राइवेट जॉब की हैं। वहां जॉब से संतुष्टि नहीं मिली। नौकरी तो सरकारी होनी चाहिए, बेशक चपरासी की हो।
यूपी के इलाहबाद से आए अभिषेक ने बताया कि वह एमएम हिंदी है। बेरोजगारी के चलते उसने चपरासी पद के लिए आवेदन किया है। कई जगह प्राइवेट जॉब की हैं। वहां जॉब से संतुष्टि नहीं मिली। नौकरी तो सरकारी होनी चाहिए, बेशक चपरासी की हो।
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- फोटो : File Photo
एमए, बीएड और एचटेट पास, चतुर्थ श्रेणी की नौकरी को भी तरसे
हिसार निवासी अनीश ने खुद को एमए, बीएड और एचटेट क्लीयर बताते हुए कहा कि बेरोजगारी के कारण उन्होंने चपरासी की जॉब के लिए आवेदन किया है। अनीश ने कहा वैसे चपरासी इंसान ही तो होते हैं। इंसान को चोरी या ठगी नहीं करनी चाहिए। नेकदिल से काम करने में बुराई क्या।
हिसार निवासी अनीश ने खुद को एमए, बीएड और एचटेट क्लीयर बताते हुए कहा कि बेरोजगारी के कारण उन्होंने चपरासी की जॉब के लिए आवेदन किया है। अनीश ने कहा वैसे चपरासी इंसान ही तो होते हैं। इंसान को चोरी या ठगी नहीं करनी चाहिए। नेकदिल से काम करने में बुराई क्या।
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- फोटो : File Photo
बेरोजगारी ज्यादा है इसलिए कोई भी नौकरी मिल जाए
गांव बहबलपुर के अजीत कुमार ने खुद को शास्त्री से एमए की डिग्री धारक हैं। अजीत ने कहा कि वह फिलहाल हिंदी से भी एमए की डिग्री हासिल कर रहे हैं। देश में बेरोजगारी बहुत ज्यादा है। सरकारी नौकरी में दो जून की रोटी सुनिश्चित हो जाती है। इसलिए चपरासी पद के लिए आवेदन किया है।
गांव बहबलपुर के अजीत कुमार ने खुद को शास्त्री से एमए की डिग्री धारक हैं। अजीत ने कहा कि वह फिलहाल हिंदी से भी एमए की डिग्री हासिल कर रहे हैं। देश में बेरोजगारी बहुत ज्यादा है। सरकारी नौकरी में दो जून की रोटी सुनिश्चित हो जाती है। इसलिए चपरासी पद के लिए आवेदन किया है।