अब 18 साल से कम उम्र के बच्चों को दो घंटे से अधिक पबजी गेम खेलने के लिए अभिभावक की मंजूरी जरूरी होगी। उसे आगे गेम खेलने के लिए अभिभावकों के मोबाइल पर आए ओटीपी को दर्ज करना जरूरी होगा। गेम पर बैन लगाने की याचिका के बाद अब पबजी ने केंद्र सरकार के समक्ष कुछ ऐसा ही प्रस्ताव पेश किया है। आइए जानते हैं पूरा मामला...
दो घंटे से ज्यादा पबजी नहीं खेल सकेंगे बच्चे, लेनी होगी माता-पिता की मंजूरी, केंद्र के पास पहुंचा प्रस्ताव
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने मांग की थी कि वह केंद्र सरकार को पबजी गेम पर रोक लगाने का आदेश दे। अरोड़ा ने हाईकोर्ट को बताया था कि पबजी गेम बच्चों को अपना आदी बना लेता है। बच्चे दिन में कई- कई घंटे तक इस गेम को खेलते हैं, जिस कारण वे सामाजिक रूप से कम सक्रिय रह पाते हैं।
उन्होंने बताया कि इस गेम में हथियारों से लैस खिलाड़ी होते हैं जो हिंसक रूप से एक दूसरे पर हमला करते हैं, इससे बच्चों में हिंसक प्रवृत्ति बढ़ती है। हाईकोर्ट ने याचिका पर केंद्र सरकार को फैसला लेने के निर्देश देते हुए इसका निपटारा कर दिया था।
केंद्र सरकार ने मांगा था जवाब
केंद्र सरकार ने जब पबजी से इस बारे में जवाब मांगा तो पहले तो उन्होंने कहा कि यह गेम किसी को आदी नहीं बनाता है। इस पर रोक नहीं लगाई जानी चाहिए। इस जवाब पर जब आपत्ति दर्ज की गई तो अब बैन से बचने के लिए पबजी ने गेम में कुछ बदलाव करने की केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से पेशकश की है।
यह है पबजी का प्रस्ताव
पबजी के प्रस्ताव के मुताबिक बच्चे दिन में केवल दो घंटे गेम खेल सकेंगे। अगले एक घंटे गेम खेलने के लिए अभिभावकों के फोन पर आए ओटीपी को दर्ज करना होगा, यानी अभिभावकों की मंजूरी लेनी होगी। इसके बाद गेम खेलने के लिए दो घंटे का अनिवार्य अंतराल होगा। कोई भी बच्चा दिन में पांच घंटे से अधिक पबजी गेम नहीं खेल सकेगा। इसके अलावा 18 साल से ऊपर वालों के लिए भी पबजी ने अलग नियम बनाने का प्रस्ताव दिया है। अब केंद्र सरकार पर है कि वह पबजी का प्रस्ताव स्वीकार करेगी या उस पर बैन लगाएगी।