देखिए, कैसे लिखी गई कांग्रेस प्रधान के इस्तीफे की स्क्रिप्ट?
2013 के अंत में पंजाब कांग्रेस प्रधान बने प्रताप बाजवा का दो साल का पूरा कार्यकाल विवादों से भरा रहा। देखिए, प्रधानगी से इस्तीफे तक की पूरी कहानी।
देखिए, कैसे लिखी गई कांग्रेस प्रधान के इस्तीफे की स्क्रिप्ट?
प्रधानगी मिलने के बाद जैसे ही बाजवा ने 2013 में अपनी कार्यकारिणी घोषित की, हर तरफ विरोध शुरू हो गया। बड़ी संख्या में लोगों ने इस्तीफे दे दिए। और तो और, कैप्टन गुट के लोगों को अपने साथ लाने के चक्कर में बाजवा ने अपने लोगों को भी नाराज कर दिया। लोकसभा चुनाव में बाजवा ने ट्रंप कार्ड खेलते हुए कैप्टन को अमृतसर से प्रत्याशी बना दिया, पर यह उल्टा पड़ गया। बाजवा खुद हार गए और कैप्टन ने बड़े अंतर से अरुण जेटली जैसे राष्ट्रीय नेता को हराया।
देखिए, कैसे लिखी गई कांग्रेस प्रधान के इस्तीफे की स्क्रिप्ट?
उसके बाद तो कैप्टन धड़े ने उनके खिलाफ खुल कर मोर्चा खोल दिया। ज्यादातर विधायक कैप्टन के साथ थे, बाजवा के सिर्फ चार-पांच विधायक ही थे। कैप्टन गुट ने कई बार दिल्ली जाकर बाजवा को हटाने की मांग की। लेकिन शकील अहमद और सह प्रभारी हरीश चौधरी बाजवा की ढाल बनते रहे। खुद राहुल ने हर बार बाजवा को ऑक्सीजन दी। पर आखिर राहुल ने हालातों को देखते हुए बाजवा को हटाने का मन बना ही लिया।
देखिए, कैसे लिखी गई कांग्रेस प्रधान के इस्तीफे की स्क्रिप्ट?
पंजाब में फेरबदल की अटकलें काफी समय से चल रही थीं। पार्टी प्रधान सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रताप बाजवा के साथ कई बैठकें भी की थीं। राहुल ने विधायकों और जिला प्रधानों से भी फीडबैक लिया था। ज्यादातर लोगों का यही कहना था कि सूबे का माहौल अकाली दल के खिलाफ है। इस समय कैप्टन अमरिंदर सिंह को प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपी जाए तो पार्टी सत्ता में वापसी कर सकती है।
देखिए, कैसे लिखी गई कांग्रेस प्रधान के इस्तीफे की स्क्रिप्ट?
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पिछले दिनों पंजाब दौरे के समय ही कैप्टन अमरिंदर सिंह को प्रधानगी सौंपने के संकेत दे गए थे। पदयात्रा के दौरान जब भी कैप्टन पीछे रह जाते, राहुल रुक कर उनका इंतजार करते थे। बैठकों के दौरान राहुल के सामने लोगों ने कहा कि कैप्टन को प्रधानगी दी जानी चाहिए। फिर बंद कमरे में चुनिंदा नेताओं के साथ मीटिंग में राहुल ने साफ ही कह दिया था। उन्होंने बाजवा से कहा था कि कैप्टन पुरानी बातें छोड़ चुके हैं, वह भी छोड़ दें।