बंदी सिखों की रिहाई को लेकर लंबे वक्त से हड़ताल कर रहे खालसा को पुलिस जबरन घर से उठा ले गई। दरअसल मुल्लांपुर दाखा (लुधियाना) की पुलिस ने सूरत सिंह खालसा को शुक्रवार को घर से जबरदस्ती उठाकर डीएमसी अस्पताल में दाखिल करा दिया। प्रशासन की तरफ से जिला राजस्व अधिकारी जीएस बेनीपाल, नायब तहसीलदार जोगिंदर सिंह, एसपी जसदेव सिंह, डीएसपी दाखा अजय राज सिंह के नेतृत्व में पुलिस फोर्स सुबह से ही सूरत सिंह खालसा के घर के आसपास जमा हो गई।
सिखों की रिहाई के लिए आंदोलन करने वाले खालसा को उठा ले गई पुलिस
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पुलिस का घेरा सख्त होते देख खालसा के परिजनों ने घर के मुख्य गेट को अंदर से ताला लगा लिया और घर के चार दरवाजे बंद कर लिए। चार घंटे तक पुलिस अधिकारी उन्हें मनाने का प्रयास करते रहे। दोपहर को डीएसपी वरियाम सिंह खालसा से बातचीत करने कमरे में अकेले गए और उन्हें डीएमसी अस्पताल में चलने को कहा। खालसा ने इंकार कर दिया।
खालसा के बेटे रविंदरजीत सिंह गोगी ने कहा कि इंकार के बाद डीएसपी वरियाम सिंह के कमरे से बाहर जाते ही पुलिस फोर्स ने पहले मुख्य गेट का ताला तोड़ा, फिर अंदर के ताले तोड़ कर डॉक्टरों की टीम के साथ अंदर घुस गई। परिवार के सदस्यों ने विरोध जताया तो पुलिस ने उनको रसोई में बंद कर दिया। इसके बाद खालसा को जबरदस्ती एंबुलेंस में डालना चाहा।
खालसा ने खुद को छुड़वाने का प्रयास किया, लेकिन विरोध के बावजूद उन्हें डीएमसी ले जाया गया। इस दौरान खालसा ने कहा कि उनकी तबियत का बहाना बनाकर पुलिस प्रशासन सरकार के इशारे पर उनको मानसिक तौर पर परेशान कर रहा है। खालसा ने कहा कि वे सरकार के अत्याचारों से डरने वाले नहीं, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
अजयराज सिंह, डीएसपी ने बताया कि खालसा की तबियत चिंताजनक थी। पुलिस प्रशासन किसी को भी बेवक्त मरने की इजाजत नहीं दे सकता, तभी उनको अस्पताल में दाखिल कराया गया है।