चंडीगढ़ पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कार्मल कॉन्वेंट की छात्रा इशिता को रविवार सुबह जब डॉक्टरों ने बताया कि उसने अपना बायां हाथ खो दिया है तो उसके होश उड़ गए। उसका रो-रोकर बुरा हाल है। वह लगातार बस यही कह रही है कि ये क्या कर दिया भगवान ने मेरे साथ। आखिर मेरा क्या कसूर था। ऐसी सजा क्यों दी। मेरी जिंदगी ही खत्म हो गई अब तो। अब मैं क्या करूंगी। पिता अमन बेटी को हिम्मत तो दे रहे हैं पर खुद के आंसू नहीं संभल रहे हैं। उनका कहना है कि बेटी की ऐसी हालत उनसे देखी नहीं जाती पर उन्हें व परिवार को इसकी संतुष्टि जरूर है कि दर्दनाक हादसे की चपेट में आने के बावजूद इशिता उनके सामने है। वे इस कमी को दरकिनार कर बार-बार ईश्वर को धन्यवाद दे रहे हैं।
कार्मल कॉन्वेंट हादसा: डॉक्टर बोले- अब आपका एक हाथ नहीं, चीख पड़ी इशिता... मुंह से निकला, हे ईश्वर! ये क्या कर दिया
अमन ने बताया कि इशिता सर्जरी के बाद होश में थी लेकिन उसे यह नहीं बताया गया था कि उसका एक हाथ काटना पड़ा है। उसे यह लग रहा था कि प्लास्टर लगा हुआ है लेकिन जब डॉक्टरों ने उसे बताया तो वह यकीन नहीं कर पाई। अमन ने बताया कि सोमवार को डॉक्टर चेक करेंगे कि सर्जरी के बाद कोई परेशानी तो नहीं बढ़ी है। अगर कोई परेशानी हुई तो एक और सर्जरी करनी पड़ेगी। इशिता को प्राइवेट रूम में शिफ्ट कर दिया गया है।
सेजल की स्पाइनल सर्जरी हुई
कार्मल कॉन्वेंट में हुए हादसे में घायल छात्रा सेजल की पीजीआई में स्पाइनल इंजरी हो गई है। हालांकि अभी डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। सर्जरी से पहले शनिवार को सेजल डॉक्टरों से खुद ही अपने इलाज से जुड़ी चीजें पूछ रही थी। जब डॉक्टर राउंड पर आए तो पूछा था कि मेरी सर्जरी कब होगी। उसे ठीक होने में कितना समय लगेगा। वह कितने दिनों में फिर से चल और दौड़ पाएगी। वहीं सेजल के पिता सरवन ने कहा था कि उनकी बेटी बहुत बहादुर है। वह हार नहीं मानने वाली। उन्हें पूरा विश्वास है कि जल्द ही पहले जैसी होगी और हम लोग एक साथ घर जाएंगे।
बच्चों की प्रार्थना रंग लाई, शीला के शरीर में दिखी हलचल
हादसे में गंभीर घायल अटेंडेंट शीला की स्थिति अब भी गंभीर बनी है लेकिन रविवार को शरीर में कुछ हरकत दिखी। इसके बाद शीला के दोनों बच्चों ने ईश्वर को धन्यवाद दिया। बेटी जसप्रीत और बेटे तरुणदीप ने बताया कि डॉक्टरों ने कहा है कि उसकी मां मामूली सी हिली थी। हालांकि अभी होश में तो नहीं है लेकिन पहले से कुछ आराम है।
मां की सलामती की दुआ मांगते-मांगते दोनों भाई-बहन का रो-रोकर बुरा हाल है। पड़ोसी और उनके मामा-मामी दोनों बच्चों को संभाल रहे हैं। शीला के साथ स्कूल में नौकरी करने वाली जसबीर ने बताया कि शीला बहुत हिम्मत वाली महिला है। तमाम परेशानी झेलकर भी मुस्कुराती रहती है। उसकी हिम्मत ही उसे नया जीवन देगी। शीला पिछले नौ साल से स्कूल में नौकरी कर अपने बच्चों को पाल रही है। पति से अनबन के बाद अलग रह रही शीला के बच्चों ने बताया कि मां हमेशा आगे बढ़ने और धैर्य रखने की बात कहती है।