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स्वाइन फ्लू के वायरस की हुई पहचान, ले चुका है 17 हजार की जान, तो जानिए कैसे करें बचाव
Sun, 30 Dec 2018 09:33 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sun, 30 Dec 2018 09:33 AM IST
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swine flu
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देश में फैले स्वाइन फ्लू के वायरस की पहचान हो गई है। यह पूरी दुनिया में अब तक 10 हजार लोगों की जान ले चुका है। आप भी बचकर रहें, जानिए बचाव के उपाय।
swine flu
पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के चलते तापमान लगातार गिरता जा रहा है और स्वाइन फ्लू के केस भी सामने आने लगे हैं। बता दें कि इस बार मैक्सिकन स्ट्रेन एच1एन1 (हिमाग्लूटिनिन वन नूरामिनिडेज वन) वायरस ने हमला बोला है। इसकी पहचान 2009 में मैक्सिको की टीम ने की थी और उस समय पूरे विश्व में 17 हजार लोगों की जान गई थी। एक डॉक्टर के भी इससे ग्रस्त होने की पुष्टि हो चुकी है और दो संदिग्ध रोहतक पीजीआईएमएस में उपचाराधीन हैं।
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- फोटो : Amar Ujala
एच1एन1 वायरस नया नहीं है, लेकिन इस बार मैक्सिकन स्ट्रेन अटैक कर रहा है। पीसीसीएम विभागाध्यक्ष डॉ. ध्रुव चौधरी की मानें तो यह 2015-16 में आया था, इसके बाद यह बदल गया था। डॉ. चौधरी के अनुसार एच1एन1 वायरस का चाल, चलन व चरित्र समय के हिसाब से बदलता रहता है। इसकी वैक्सीन है, लेकिन 60 प्रतिशत मरीजों पर यह कारगर नहीं है। संस्थान में टैमी फ्लू की व अन्य उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसलिए अब इससे अधिक घबराने की जरूरत नहीं है, यह कॉमन फ्लू हो गया है।
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एक्सपर्ट बताते हैं कि इससे होने वाली मृत्यु दर एक प्रतिशत से भी कम है। अधिकांश उन मरीजों की उपचार के दौरान मौत होती है, जिनको स्वाइन फ्लू के साथ अन्य खतरनाक बीमारी भी होती है। चिकित्सक की मानें तो स्वाइन फ्लू से एक डॉक्टर ग्रस्त हुआ था और उसका उपचार निजी अस्पताल में हुआ था। केस हिस्ट्री में वह गोवा बाय एयर गया था। अब वह ठीक है और घर जा चुका है। इसके अलावा आपात विभाग में दो संदिग्ध मरीज आए हैं। उनका सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया गया है।
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हाथ मिलाने की बजाए करें नमस्ते
डॉ. ध्रुव चौधरी बताते हैं कि बीमारी को फैलने से बचाने के लिए हाथ मिलाने की बजाए नमस्ते करके काम चलाएं। इसके अलावा खांसते समय मुंह पर कपड़ा रखें और अपना हाथ साफ रखें। टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें। इसमें सबसे अहम भीड़ व सेंट्रल एसी से बचें। हवाई यात्रा इसके फैलने का प्रमुख कारण है। डॉ. चौधरी के अनुसार, इस वायरस से सीधे बचा नहीं जा सकता, क्योंकि यह हमारे वातावरण में है। इसके लिए जरूरी है कि हम एहतियात रखें और अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाएं। इसके लिए वैक्सीन है, जिसकी कीमत 700 रुपये व इससे ऊपर है। लेकिन यह शत प्रतिशत कारगर होगी कहा नहीं जा सकता।
डॉ. ध्रुव चौधरी बताते हैं कि बीमारी को फैलने से बचाने के लिए हाथ मिलाने की बजाए नमस्ते करके काम चलाएं। इसके अलावा खांसते समय मुंह पर कपड़ा रखें और अपना हाथ साफ रखें। टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें। इसमें सबसे अहम भीड़ व सेंट्रल एसी से बचें। हवाई यात्रा इसके फैलने का प्रमुख कारण है। डॉ. चौधरी के अनुसार, इस वायरस से सीधे बचा नहीं जा सकता, क्योंकि यह हमारे वातावरण में है। इसके लिए जरूरी है कि हम एहतियात रखें और अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाएं। इसके लिए वैक्सीन है, जिसकी कीमत 700 रुपये व इससे ऊपर है। लेकिन यह शत प्रतिशत कारगर होगी कहा नहीं जा सकता।