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क्या आप भी अपने बच्चे की मोबाइल की लत से परेशान हैं, तो इन उपायों से मिलेगी छुड़ाने में मदद

Fri, 28 Jun 2019 11:35 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 28 Jun 2019 11:35 AM IST
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tips for parents to keep children away from mobile and martphones
मोबाइल इस्तेमाल करते बच्चे - फोटो : फाइल फोटो
क्या आपके बच्चे को भी मोबाइल की लत लगी है और आप उसे छुड़ाना चाहते हैं, तो मनोवैज्ञानिकों द्वारा बताए गए इन उपायों को आजमाने से काफी मदद मिलेगी।
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मोबाइल इस्तेमाल करते बच्चे - फोटो : फाइल फोटो
आजकल बच्चों को मोबाइल की लत लग रही है। स्कूल हो या घर, वे हर जगह मोबाइल ढूंढते हैं। स्कूल से जैसे ही बच्चे घर पहुंचे तो वह फ्रेश होने की बजाय सीधे मोबाइल गेम खेलते लगते हैं या ऑनलाइन चीजें देखने लगते हैं। विज्ञानियों ने इसे घातक माना है। अभिभावकों को भी इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा है कि खुद अभिभावक ही मोबाइल बच्चों के सामने चलाते हैं। बच्चों को मोबाइल की लत से दूर करने के लिए इसके विकल्प तलाशने होंगे।
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मोबाइल इस्तेमाल करते बच्चे - फोटो : फाइल फोटो
मस्तिष्क की एनर्जी खर्च करने के लिए चाहिए विकल्प
पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के मनोविज्ञान विभाग के विशेषज्ञ डॉ. रोशन लाल कहते हैं कि बच्चों को मोबाइल की लत लगने के कारण तो कई हैं, लेकिन उनके सामने विकल्प रखने होंगे ताकि वे अपने मस्तिष्क की एनर्जी को वहां खर्च सकें। माता-पिता बच्चों को एंड्रॉयड फोन न दें, बल्कि केवल बात करने के लिए सामान्य फोन उपलब्ध करा दें। मनोविज्ञानी एवं नेशनल एसोसिएशन ऑफ साइकोलॉजिकल साइंस के अध्यक्ष डॉ. रोशन लाल ने मोबाइल की लत छुड़ाने के कई तरीके बताए हैं।
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मोबाइल इस्तेमाल करते बच्चे - फोटो : फाइल फोटो
इस कारण लगती है मोबाइल की लत
मां-बाप बच्चों को स्वतंत्रता देते हैं। मोबाइल स्टेट्स सिंबल बन गया। इसके कारण बच्चों को अभिभावक महंगे फोन दिला रहे हैं और उसका दूसरे लोगों में प्रचार-प्रसार भी कर रहे हैं। पीयर प्रेशर भी बन रहा है। यदि किसी बच्चे के पास मोबाइल हो और दूसरे के पास नहीं, तो माता-पिता उन्हें भी मोबाइल दिला रहे हैं। माता-पिता एक बेडरूम में सो रहे हैं। बच्चे दूसरे कमरे में मोबाइल के साथ रात भर खेलते रहते हैं। अभिभावक देखते नहीं कि बच्चे रात भर क्या करते हैं और कितने बजे सो रहे हैं। माता-पिता का जॉब में होना भी एक कारण बन रहा है। ऐसे में बच्चे के पास टाइम पास करने के लिए या उसकी एनर्जी खर्च के लिए केवल मोबाइल ही एक साधन बचता है।
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मोबाइल इस्तेमाल करते बच्चे - फोटो : फाइल फोटो
इन तरीकों को अपनाएं
माता-पिता बच्चों को अधिक से अधिक समय दें। एंड्रॉयड फोन की बजाय उन्हें कॉल करने वाले साधारण फोन उपलब्ध करा सकते हैं। मोबाइल के विकल्प पैदा करें। खेल के मैदान बनाएं। बच्चों को उन मैदानों तक पहुंचाएं। मोबाइल आदि चलाने का टाइम फिक्स कर दें। हर चीज का टाइम होगा तो लत नहीं लगेगी। बच्चों को बताएं कि मोबाइल भविष्य नहीं है। बच्चे किशोरावस्था में अधिक एक्सपेरिमेंट करते हैं, इसलिए उस समय बच्चों को मोबाइल न दें।
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