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पहलवान ध्यान दें, बदल गए हैं कुश्ती के नियम, देखिए
Tue, 11 Aug 2015 01:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 11 Aug 2015 01:43 PM IST
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पहलवान ध्यान दें। कुश्ती के नियम बदल गए हैं। अब कुश्ती में ज्यादा प्वाइंट हासिल करने के लिए इन नियमों का पालन करना जरूरी होगा। जानिए क्या है नए नियम।
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नए नियम के तहत अब पहलवानों को अखाड़े में कुश्ती लड़ते समय प्वाइंट बटोरने के लिए ज्यादा दम लगाना पड़ेगा। अब केवल स्टैंडिंग पोजीशन से ही प्वाइंट मिल सकेगा। ग्राउंड पोजीशन में नहीं। इससे अब पहलवान कुश्ती के तीन दांव पर ज्यादा निर्भर रहेंगे। ये तीन दांव हैं धोबी पछाड़, सालतू और डाक।
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इनमें सबसे कारगर गांव के अखाड़ों का धोबी पछाड़ रहेगा। इस दांव में एक पहलवान जब दूसरे को पीछे से पकड़ने की कोशिश करता है तो उसी समय दूसरा पहलवान अपने कंधे के ऊपर से उसका हाथ पकड़कर आगे पटक देता है।
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धोबी पछाड़ के अलावा सालतू व डाक भी प्वाइंट दिलवाने में अहम साबित होंगे। सालतू में एक पहलवान जब भिड़ने के लिए आगे आता है तो उसे पूरा कब्जे में लेकर उठाकर पटक दिया जाता है। स्टैंडिंग पोजीशन में सबसे ज्यादा मेहनत डाक दांव में करनी होती है, क्योंकि इसमें एक पहलवान अपने प्रतिद्वंदी को गर्दन से पकड़कर नीचे पटकता है। इसमें पहलवान को पूरा दम लगाना पड़ता है।
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बदलाव एशियन चैंपियनशिप के बाद किए गए। पहले अखाड़े में पहलवान अग्रेसिव कम और डिफेंडिंग ज्यादा होने पर रेफरी ग्राउंड पोजीशन पर कुश्ती कराने लगते थे। इसमें दोनों पहलवान आमने-सामने रहते थे और एक-दूसरे को चित करके आसानी से प्वाइंट जमा कर लेते थे। इससे पहलवान को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती थी और कुश्ती देखने का क्रेज भी कम होता दिख रहा था।
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