क्रिकेट रोमांच के साथ परिस्थितियों का भी खेल है। परिस्थितियों का इसलिए, क्योंकि इसके हर फॉर्मेट में, हर मैच में खेल का मोमेंटम अलग होता है। टेस्ट क्रिकेट में नई गेंद के सामने बल्लेबाजी करना बेहद ही मुश्किल होता और ये शायद क्रिकेट की सबसे कठिन चुनौतियों में से एक होता है। वहीं, सफेद गेंद की क्रिकेट में आखिरी तक बल्लेबाजी करना आसान नहीं होता। वन-डे और टी-20 क्रिकेट में इसलिए फिनिशर की भूमिका अहम मानी जाती है। एक ऐसा बल्लेबाज जिसके पास मैच के अंतिम समय में नतीजा बदल सके, उसकी मांग आजकल के फटाफट क्रिकेट में अधिक है। भारतीय क्रिकेट के इतिहास में बहुत से ऐसे महान खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने टीम में 'फिनिशर' की अहम भूमिका निभाई। आज हम आपको चार ऐसे भारतीय खिलाड़ियों के बारे में बताते हैं जो सबसे बेहतरीन फिनिशर रहे।
टीम इंडिया के ये हैं चार सुपर फिनिशर, जिन्होंने छीनी है विरोधी टीमों के मुंह से जीत
1992 से 2000 तक भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले अजय जडेजा ने भारत के लिए अंत में आकर कई महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं। हारे हुए मैच को भी अपने खेल से भारत की ओर मोड़ कर जीत में बदला है। जडेजा की एक पारी बेहद ही प्रसिद्ध है, जब उन्होंने मात्र 25 गेंदों पर 45 रन बनाकर भारत को 1996 के क्वार्टर फाइनल में चिन्नास्वामी के मैदान में पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला जिताया था। 38 बार जब भारत ने सफलतापूर्वक रनों का पीछा किया है तब जडेजा ने 47.28 की औसत से 662 रन बनाए और इस दौरान उन्होंने चार अर्धशतक भी लगाए हैं।
मध्यक्रम में भारत के लिए 2000 से 2019 तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले युवराज सिंह भी एक बेहतरीन फिनिशर रहे हैं। वन-डे क्रिकेट में सफल रन चेज करते हुए मध्यक्रम के बल्लेबाजों की बात करें तो युवराज सिंह ने भारत के लिए सबसे अधिक रन बनाए हैं। 90 पारियों में युवराज ने 52.65 के औसत से 2580 रन बनाए हैं जिसमें एक शतक और 21 अर्धशतक भी शामिल है।
एक समय भारत के निचले क्रम की जान रहे है सुरेश रैना ने सफल रन चेज के दौरान 47 पारियों में 69.63 की औसत से नौ अर्धशतक और दो शतक के बदौलत 1532 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 2015 के वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे के खिलाफ 104 गेंदों पर 110 रन की पारी भी खेली थी जिसकी वजह से भारत मुकाबला जीता था। रैना ने कई मैचों में हारी हुई बाजी को पलटा है।
भारत के सबसे सफल फिनिशर का टैग महेंद्र सिंह धोनी पर ही चस्पा है और आंकड़े ये साबित भी करते हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो धोनी अपने एकदिवसीय करियर में 112 बार सफल रन चेज का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने 19 अर्धशतकों और एक शतक की मदद से 91.28 की औसत से 2556 रन बनाए और भारत के एक महत्वपूर्ण फिनिशर के रूप में ही खेलते आए हैं।

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