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IND vs AUS: ऑस्ट्रेलिया में भारतीय टीम की उम्मीद बनकर उभरे नीतीश, दबाव में भी आक्रामक बैटिंग कर किया प्रभावित
Wed, 11 Dec 2024 09:02 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Wed, 11 Dec 2024 09:02 AM IST
सार
ऑस्ट्रेलिया आने से पहले उनका फर्स्ट क्लास क्रिकेट में करियर भी अच्छा रहा है। वह निचले क्रम पर बल्लेबाजी करते हैं और ऐसे में उन्हें बड़ी पारियां खेलने के लिए ज्यादा मौके नहीं मिलते हैं। इसके बावजूद वह फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अच्छा करने में सफल रहे हैं।
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नीतीश रेड्डी
- फोटो : BCCI
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युवा ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी को जब ऑस्ट्रेलिया दौरे पर चुना गया था तब किसी को यह आभास भी नहीं था कि वह टीम के लिए इस दौरे पर सबसे उपयोगी ऑलराउंडर बन जाएंगे। आंध्र प्रदेश के नीतीश ने आईपीएल में अपने बल्ले और गेंद से अच्छा प्रदर्शन किया था और उन पर भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर की नजर थी। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गंभीर अंतिम एकादश में एक तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर चाहते थे जो कुछ ओवर के अपने मुख्य तेज गेंदबाजों को आराम दे सके और जरूरत पड़ने पर विकेट भी निकाल दें। इसके अलावा निचले क्रम पर बल्लेबाजी करके उपयोगी रन टीम के लिए बटोरे।
नीतीश रेड्डी
- फोटो : PTI
25 फर्स्ट क्लास मैच खेले
ऑस्ट्रेलिया आने से पहले उनका फर्स्ट क्लास क्रिकेट में करियर भी अच्छा रहा है। वह निचले क्रम पर बल्लेबाजी करते हैं और ऐसे में उन्हें बड़ी पारियां खेलने के लिए ज्यादा मौके नहीं मिलते हैं। इसके बावजूद वह फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अच्छा करने में सफल रहे हैं। वह 25 फर्स्ट क्लास मैचों में 942 रन बना चुके हैं जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 159 रन का रहा है। इसके अलावा उन्होंने इतने ही मैचों में 58 विकेट चटकाए हैं। उनका एक पारी में श्रेष्ठ स्कोर 53 रन देकर पांच विकेट है जबकि मैच में श्रेष्ठ प्रदर्शन 119 रन देकर आठ विकेट है।
ऑस्ट्रेलिया आने से पहले उनका फर्स्ट क्लास क्रिकेट में करियर भी अच्छा रहा है। वह निचले क्रम पर बल्लेबाजी करते हैं और ऐसे में उन्हें बड़ी पारियां खेलने के लिए ज्यादा मौके नहीं मिलते हैं। इसके बावजूद वह फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अच्छा करने में सफल रहे हैं। वह 25 फर्स्ट क्लास मैचों में 942 रन बना चुके हैं जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 159 रन का रहा है। इसके अलावा उन्होंने इतने ही मैचों में 58 विकेट चटकाए हैं। उनका एक पारी में श्रेष्ठ स्कोर 53 रन देकर पांच विकेट है जबकि मैच में श्रेष्ठ प्रदर्शन 119 रन देकर आठ विकेट है।
नीतीश रेड्डी
- फोटो : PTI
आक्रामक अंदाज में खेली गईं पारियों ने खींचा ध्यान
नीतीश की तारीफ टीम के सहायक कोच रेयान टेन डेशकाटे भी कर चुके हैं। उन्होंने कहा, रेड्डी ने वो सबकुछ किया है जो एक युवा खिलाड़ी इतने कम समय में कर सकता है और हमें लगता है कि उनमें काफी संभवानाएं हैं। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर तेज गेंदबाजों को खेलना काफी मुश्किल है, लेकिन वह किसी गेंदबाज के समाने संघर्ष करते नहीं दिखे। उन्होंने टीम के अनुभवी स्पिनर नाथन लियोन को भी निशाने पर लिया था और उनकी आठ गेंदें पर तीन चौके लगाए थे।
दूसरे टेस्ट में स्टार्क ने उन्हें शॉट खेलने के लिए गेंद थोड़ी बाहर की तरफ डाली और रेड्डी ने गेंद को बाउंड्री के पार भेज दिया रेड्डी ने बोलैंड को अपरंपरागत शॉट खेलते हुए रिवर्स स्वीप कर दिया और गेंद छक्के के लिए गई। पर्थ में तैयारी के दौरान एक तरफ जहां यह लग रहा था कि उन्हें कुछ पहलुओं पर काम करने की जरूरत है वहां से जिस तरह से उन्होंने मैच में प्रदर्शन किया वो प्रशंसनीय है। पहले मैच में हमारा 150 के स्कोर तक पहुंचना बेहतरीन था। उन्हें अभी भी काफी काम करना है लेकिन एक 21 वर्षीय युवा का इस अंदाज में तीन पारियां खेलना काफी उत्साहित करने योग्य है।
नीतीश की तारीफ टीम के सहायक कोच रेयान टेन डेशकाटे भी कर चुके हैं। उन्होंने कहा, रेड्डी ने वो सबकुछ किया है जो एक युवा खिलाड़ी इतने कम समय में कर सकता है और हमें लगता है कि उनमें काफी संभवानाएं हैं। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर तेज गेंदबाजों को खेलना काफी मुश्किल है, लेकिन वह किसी गेंदबाज के समाने संघर्ष करते नहीं दिखे। उन्होंने टीम के अनुभवी स्पिनर नाथन लियोन को भी निशाने पर लिया था और उनकी आठ गेंदें पर तीन चौके लगाए थे।
दूसरे टेस्ट में स्टार्क ने उन्हें शॉट खेलने के लिए गेंद थोड़ी बाहर की तरफ डाली और रेड्डी ने गेंद को बाउंड्री के पार भेज दिया रेड्डी ने बोलैंड को अपरंपरागत शॉट खेलते हुए रिवर्स स्वीप कर दिया और गेंद छक्के के लिए गई। पर्थ में तैयारी के दौरान एक तरफ जहां यह लग रहा था कि उन्हें कुछ पहलुओं पर काम करने की जरूरत है वहां से जिस तरह से उन्होंने मैच में प्रदर्शन किया वो प्रशंसनीय है। पहले मैच में हमारा 150 के स्कोर तक पहुंचना बेहतरीन था। उन्हें अभी भी काफी काम करना है लेकिन एक 21 वर्षीय युवा का इस अंदाज में तीन पारियां खेलना काफी उत्साहित करने योग्य है।
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नीतीश रेड्डी
- फोटो : PTI
चार वर्ष पहले शुरू किया पेशेवर क्रिकेट
चार वर्ष पहले ही 21 साल के रेड्डी ने पेशेवर क्रिकेट खेलना शुरू किया है। भविष्य की योजनाओं को देखते हुए टीम प्रबंधन पर उन पर दांव लगा रहा है। हार्दिक पंड्या लाल गेंद के क्रिकेट में कम खेल रहे हैं जबकि शार्दुल ठाकुर 33 वर्ष के होने के कारण फिट नहीं बैठ रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रेड्डी चार में से तीन पारियों में आक्रामक शॉट् खेलते हुए ही आउट हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया में मेहमान टीम के लिए निचले क्रम के बल्लेबाजों के रन काफी अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में नीतीश का सातवें नंबर पर आकर रन बनाना टीम के लिए काफी अहम रहेगा। अब गाबा में भी तेज गेंदबाजों के लिए मददगार पिच पर भी नीतीश की बल्लेबाजी पर सभी का ध्यान रहेगा।
चार वर्ष पहले ही 21 साल के रेड्डी ने पेशेवर क्रिकेट खेलना शुरू किया है। भविष्य की योजनाओं को देखते हुए टीम प्रबंधन पर उन पर दांव लगा रहा है। हार्दिक पंड्या लाल गेंद के क्रिकेट में कम खेल रहे हैं जबकि शार्दुल ठाकुर 33 वर्ष के होने के कारण फिट नहीं बैठ रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रेड्डी चार में से तीन पारियों में आक्रामक शॉट् खेलते हुए ही आउट हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया में मेहमान टीम के लिए निचले क्रम के बल्लेबाजों के रन काफी अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में नीतीश का सातवें नंबर पर आकर रन बनाना टीम के लिए काफी अहम रहेगा। अब गाबा में भी तेज गेंदबाजों के लिए मददगार पिच पर भी नीतीश की बल्लेबाजी पर सभी का ध्यान रहेगा।
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भारतीय टीम
- फोटो : Screen Grab
ब्रिसबेन टेस्ट से पहले भारतीय बल्लेबाजों ने लाल गेंद से किया अभ्यास
गुलाबी गेंद के दिन-रात्रि क्रिकेट टेस्ट में 10 विकेट की करारी हार के बाद कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली की अगुवाई में भारतीय बल्लेबाजों ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में वापसी के लक्ष्य के साथ मंगलवार को यहां लाल गेंद से कड़े नेट सत्र में हिस्सा लिया। ऑस्ट्रेलिया की टीम शनिवार से शुरू हो रहे तीसरे टेस्ट के लिए ब्रिसबेन पहुंच गई है, लेकिन भारतीय टीम ने लाल गेंद के अपने कौशल को निखारने पर ध्यान देने के लिए यहीं रुकने का फैसला किया।
गुलाबी गेंद के दिन-रात्रि क्रिकेट टेस्ट में 10 विकेट की करारी हार के बाद कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली की अगुवाई में भारतीय बल्लेबाजों ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में वापसी के लक्ष्य के साथ मंगलवार को यहां लाल गेंद से कड़े नेट सत्र में हिस्सा लिया। ऑस्ट्रेलिया की टीम शनिवार से शुरू हो रहे तीसरे टेस्ट के लिए ब्रिसबेन पहुंच गई है, लेकिन भारतीय टीम ने लाल गेंद के अपने कौशल को निखारने पर ध्यान देने के लिए यहीं रुकने का फैसला किया।
It is time to look ahead.
— BCCI (@BCCI) December 10, 2024
Preparations for the Brisbane Test starts right here in Adelaide.#TeamIndia #AUSvIND pic.twitter.com/VfWphBK6pe