IND vs ENG: 'मेरी बहन कैंसर..', मैच जिताऊ प्रदर्शन के बाद आकाश दीप का झकझोर देने वाला खुलासा; भर आएंगी आंखें
28 वर्षीय आकाश दीप ने इस मुकाबले में कुल 10 विकेट झटके। उन्होंने पहली पारी में चार और दूसरी पारी में छह विकेट हासिल कर टीम को जीत दिलाई। मुकाबले के बाद तेज गेंदबाज भावुक हो गए और उन्होंने कहा, 'मेरी बहन कैंसर से पीड़ित है।'
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28 वर्षीय आकाश दीप ने इस मुकाबले में कुल 10 विकेट झटके। उन्होंने पहली पारी में चार और दूसरी पारी में छह विकेट हासिल कर टीम को जीत दिलाई। मुकाबले के बाद तेज गेंदबाज भावुक हो गए और उन्होंने कहा, 'मेरी बहन कैंसर से पीड़ित है। हर बार जब गेंद अपने हाथ में लेता था तो उसके विचार मेरे दिमाग में आते। मैंने इस बारे में किसी से बात नहीं की है, लेकिन दो महीने पहले मेरी बहन को कैंसर का पता चला था। वह मेरे प्रदर्शन से बहुत खुश होगी और उसके चेहरे पर मुस्कान आएगी।'
चेतेश्वर पुजारा से बात करते हुए आकाश दीप ने आगे कहा, 'हर बार जब मैं गेंद लेता तो उसके विचार और तस्वीर मेरे दिमाग में आ जाती। यह प्रदर्शन उसे समर्पित है। मैं उसे बताना चाहता हूं बहन, हम सब तुम्हारे साथ हैं।'
Family is everything!
— Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) July 6, 2025
Akash Deep dedicates this win to his sister battling cancer. 🙌#SonySportsNetwork #GroundTumharaJeetHamari #ENGvIND #NayaIndia #DhaakadIndia #TeamIndia #ExtraaaInnings pic.twitter.com/teMNeuYLMP
आकाश दीप इंग्लैंड में 10 विकेट हासिल करने वाले दूसरे भारतीय बन गए। उनसे पहले यह कारनामा चेतन शर्मा ने किया था। उन्होंने 1986 में बर्मिंघम टेस्ट में ही 10 विकेट हासिल किए थे। अब आकाश दीप ने 39 साल बाद यह रिकॉर्ड दोहराया है। मैच के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, 'वह खुश थे कि उन्होंने जो योजना बनाईं, वे कारगर रहीं।'
भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा टेस्ट लॉर्ड्स में खेला जाएगा। मुकाबले के बाद जब आकाश दीप से 10-14 जुलाई के बीच खेले जाने वाले टेस्ट को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वह अभी अपने मैच जीतने वाले प्रदर्शन का आनंद लेना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने लॉर्ड्स के लिए अपनी रणनीति के बारे में नहीं सोचा है। लेकिन यह यहां की रणनीति से बहुत अलग नहीं होगी। कुछ दिन ऐसे होंगे जब यह कारगर होगी और कुछ दिन ऐसे भी होंगे जब यह कारगर नहीं होगी। हमारा काम इस पर टिके रहना और अपनी प्रक्रिया पर भरोसा करना है।'