भारत में क्रिकेट मैचों में टर्निंग ट्रैक के इस्तेमाल और स्पिन की मददगार पिचों को लेकर पिछले दिनों शुरू हुए विवाद में अब मौजूदा क्रिकेटर भी कूद पड़े हैं। चेन्नई में चेपॉक की पिच को लेकर इंग्लैंड के कई पूर्व क्रिकेटरों और कप्तानों ने सवाल उठाए थे और उसकी आलोचना की थी। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने तो पिच को घटिया तक कह दिया था। हालांकि उसी पिच पर जहां इंग्लैंड के खिलाड़ी एक भी पारी में 200 रन का आंकड़ा नहीं छू पाए, वहीं पर रविचंद्रन अश्विन ने शतक जड़ दिया और भारत ने दोनों पारियों में मिलाकर 600 से अधिक रन बनाए।
इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटरों को स्टोक्स-ब्रॉड का जवाब, पिच को लेकर दिया बड़ा बयान
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स्टोक्स ने अहमदाबाद में संवाददाताओं से पिच के सवाल पर बात करते हुए कहा, 'टेस्ट के खिलाड़ियों को किसी भी परिस्थिति में खेलने के लिए तैयार होना चाहिए।' अहमदाबाद में बुधवार से शुरू होने वाले डे-नाइट टेस्ट से पहले स्टोक्स ने नए मोटेरा स्टेडियम की पिच को लेकर शंकाएं जाहिर कीं लेकिन यह भी कहा कि शीर्ष खिलाड़ियों को हर तरह की परिस्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए।
स्टोक्स ने कहा, 'भारत उन चुनिंदा जगहों में से एक है जहां विदेशी बल्लेबाजों के लिए खेलना और सफल होना मुश्किल होता है लेकिन फिर इंग्लैंड में भी कुछ ऐसा ही है। चुनौतियां, यह खेल का हिस्सा हैं और इसीलिए हम इसे पसंद करते हैं।'
इंग्लैंड के ऑलराउंडर को पिंक बॉल टेस्ट में गेंद के स्विंग होने और तेज गेंदबाजों को मदद मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, 'दुनियाभर में आमतौर पर गुलाबी गेंद वाले मैचों में तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है। लेकिन इस नए स्टेडियम में किसी को पिच के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं है।'
हालांकि स्टोक्स ने भरोसा जताया कि उनकी टीम में अच्छे स्पिनर्स मौजूदा हैं और उनका साथ देने के लिए तेज गेंदबाजों का सपोर्ट भी है। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि हम 2012 की तरह एक बार फिर से यहां सीरीज जीतें।
स्टोक्स से पहले इंग्लैंड के एक अन्य स्टार तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड ने भी पिच को लेकर भारत का बचाव किया। उन्होंने पूर्व खिलाड़ियों से अलग राय दी। ब्रॉड ने कहा कि इंग्लैंड के खिलाड़ियों को चेन्नई के दूसरे टेस्ट की पिच से कोई दिक्कत नहीं है।
उन्होंने कहा, 'घरेलू लाभ का मतलब यही होता है उन्होंने अपने अधिकार के तहत ही यह किया, जो सही है। उन्होंने हमें उस पिच पर पटखनी दी जिसमें वे माहिर हैं। यह कुछ ऐसा ही है जैसे 2018 में लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान था। तब वहां हमारे मुताबिक पिच थी, जिसमें हम मजबूत हैं और वे कमजोर। इसका फायदा उठाते हुए हमने उन्हें 107 और 130 रन पर आउट कर मैच को एक पारी से जीता।
बता दें कि पिच की आलोचना पर टीम इंडिया के स्टार सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने भी आलोचकों को करारा जवाब दिया था। उन्होंने रविवार को कहा था कि क्रिकेट एक्सपर्ट्स को पिचों को लेकर बयानबाजी छोड़ गेम पर ध्यान देने को भी कहा। दोनों टीमों के लिए पिच एक जैसी होती है। मुझे नहीं पता लोग इसे मुद्दा क्यों बना लेते हैं। कई सालों से भारत में ऐसी ही पिचें देखने को मिलती रही हैं।
रोहित ने कहा था, 'जब हम विदेश जाते हैं, तब कोई तेज गेंदबाजों की मददगार विकेट को लेकर क्यों कुछ नहीं बोलता। होम और अवे (विदेशी जमीन) का यही फायदा होता है। हम अपने मुताबिक पिचें बनाते हैं। अगर किसी को दिक्कत है, तो वह इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) में इसको लेकर नियम बनाने कह सकता है, ताकि हर जगह एक जैसी पिच मिले।'