दुनियाभर में ऐसी कई जगहें हैं, जो आज तक लोगों के बीच रहस्य बनी हुई हैं। ऐसा बिल्कुल नहीं है कि उनके बारे में पता लगाने की कोशिश नहीं की जा रही है, लेकिन वो ऐसे रहस्य हैं जिनकी गुत्थी आजतक नही सुलझ सकी। वैज्ञानिक से लेकर पुरातत्व विभाग के लोग इन रहस्यों को जितना सुलझाए नहीं, उससे कहीं ज्यादा उलझ गए। आज हम आपको कुछ ऐसे ही रहस्यमय जगहों के बारे में बताएंगे, जिनके हजारों सालों से लोगों के बीच अनसुलझी पहेली बने हुए हैं।
दुनिया के 5 अनसुलझे रहस्य, जिनकी आज तक नहीं सुलझ पाई गुत्थी
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'सी ऑफ गैलिली' के अंदर विशाल चट्टान
इजरायल के 'सी ऑफ गैलिली' के अंदर हजारों छोटे-छोटे पत्थरों से बनी एक विशाल आकृति है। चट्टाननुमा यह आकृति 32 फीट ऊंची और 230 फीट व्यास की है, जिसका वजन लगभग 60 हजार टन बताया जाता है। हैरानी की बात तो ये है कि इनका निर्माण प्राकृतिक रूप से नहीं हुआ था बल्कि इन्हें बनाया गया है। माना जाता है कि यह आकृति 4000 साल पुरानी हो सकती है, लेकिन यह सिद्ध करने के लिए कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं। पानी के अंदर इन आकृतियों को क्यों बनाया गया था, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
गोसेक सर्किल
जर्मनी के एक छोटे से शहर गोसेक में यह अजीबोगरीब गोलाकार आकृति है। इसे सबसे पुराना ज्ञात सौर वेधशाला माना जाता है। यह आकृति करीब 250 फीट में फैली हुई है। इसे 'जर्मन स्टोनहेंज' के नाम से भी जाना जाता है। कार्बन डेटिंग से पता चला है कि इसे करीब 4900 साल पहले बनाया गया होगा, लेकिन इसे किसने बनाया था, यह अब तक एक रहस्य ही है। पिछले कई सालों से इसको लेकर शोध चल रहे हैं।
मेक्सिको का टियाटिहुआकन शहर
मेक्सिको में एक रहस्यमय शहर है, जिसे टियाटिहुआकन के नाम से जाना जाता है। इसकी खोज 14वीं सदी में एजटेक्स के द्वारा की गई थी। इसे 'प्लेस ऑफ गॉड' यानी 'भगवान की जगह' कहा जाता है। इस जगह के बारे में कहीं भी कोई लिखित प्रमाण नहीं है कि इसे किसने बनाया, कब बनाया, क्यों बनाया और यहां कौन लोग रहते थे। यह अब तक एक रहस्य ही बना हुआ है।
अजरक ओएसिस व्हील
ये रहस्यमय आकृतियां सीरिया से लेकर जॉर्डन और सऊदी अरब तक फैली हुई हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इन आकृतियों को 8500 साल पहले बनाया गया होगा। हालांकि यह सिर्फ एक अनुमान है। इन्हें सबसे पहले साल 1927 में देखा गया था, जब ब्रिटेन के रॉयल एयरफोर्स का विमान इस इलाके से गुजर रहा था। अब इन बड़ी-बड़ी आकृतियों को क्यों बनाया गया था, यह अब तक एक रहस्य ही बना हुआ है।