भारतीय टीम को इंग्लैंड के हाथों पहले टेस्ट में करारी हार का सामना करना पड़ा। चेन्नई में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड की टीम भारतीय टीम पर हर क्षेत्र में भारी पड़ी। मैच के आखिरी दिन भारतीय बल्लेबाजों (गिल और विराट के अर्धशतक को छोड़कर) ने पूरी तरह से घुटने टेक दिए। अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतकर लौटी भारतीय टीम को घर में विराट की अगुवाई में हार के साथ सीरीज की शुरुआत करनी पड़ी है। ऐसे में आइए एक नजर डालते है टीम इंडिया की प्रमुख गलतियों पर जो मेजबान टीम के लिए महंगी साबित हुईं।
ये पांच गलतियां पड़ी टीम इंडिया पर भारी, वरना नहीं मिलती चेन्नई टेस्ट में शर्मनाक हार
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प्लेइंग XI का चुनाव:
चेन्नई टेस्ट शुरू होने से पहले टीम प्रबंधन के एक फैसले पर सवाल उठे। टीम में आखिरी मौके पर कुलदीप यादव की जगह पर रिजर्व खिलाड़ी शाहबाज नदीम को शामिल किया गया।
DRS में विराट से चूक:
विराट कोहली रिव्यू लेने में हमेशा असहज नजर आते हैं। जिस तरह से पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी डीआरएस को लेकर हमेशा सफल रहते थे, विराट उनके बिल्कुल विपरीत दिखते हैं। चेन्नई टेस्ट की पहली पारी में भी विराट की यह कमजोरी साफ दिखी। उन्होंने बहुत ही कम समय में तीन डीआरएस लिए और तीनों ही उनके पक्ष में नहीं गए।
समय पर नई गेंद नहीं लेना:
मैच के दूसरे दिन के खेल में विराट ने नई गेंद लेने में देरी की। टीम इंडिया के पास आखिरी घंटे में नई गेंद लेने का विकल्प था, लेकिन कोहली से यहां पर भी चूक हुई। कोहली को लगा कि पुरानी गेंद से उनके स्पिनर विकेट निकाल लेंगे, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।
रूट पर नहीं बना पाए दबाव:
चेन्नई में चल रहे टेस्ट मैच में इंग्लैंड को मजबूत स्थिति में पहुंचाने का पूरा श्रेय कप्तान जो रूट को जाता है। उन्होंने अपने 100वें टेस्ट में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 218 रन की मैराथन पारी खेली। कोहली ने भी रूट पर कोई दबाव बनाने की कोशिश नहीं की और उन्हें खुलकर खेलने की आजादी दी। कोहली ने रूट के खिलाफ अपने प्रमुख गेंदबाजों खास तौर पर अश्विन का इस्तेमाल कम किया।