टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने दक्षिण अफ्रीका में 25 साल का इंतजार खत्म करने के लिए टीम इंडिया को अहम टिप्स दिया है। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका को स्पिनरों के मुताबिक पिचें तैयार करने के लिये नहीं जाना जाता है। इस दौरान सचिन ने 2010-11 के दक्षिण अफ्रीका दौरे को याद करते कहा कि तब जहीर खान ने अपने स्पिनर के लिए अनुकूल पिच बनाई थी। इसलिए सचिन तेंदुलकर चाहते हैं कि भारतीय तेज गेंदबाज न्यूलैंड्स की पिच को रविचंद्रन अश्विन के अनुकूल बनायें।
टीम इंडिया का अफ्रीका में खत्म होगा 25 साल का इंतजार, सचिन ने दिए ये अहम टिप्स
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तेंदुलकर ने पीटीआई को दिये इंटरव्यू में कहा, 'केपटाउन टेस्ट (2010-11) के दौरान हरभजन ने दूसरी पारी में 7 विकेट (38 ओवरों में 120 रन देकर सात विकेट) लिये थे। जहीर और लोनवाबो सातेसोबे दोनों बायें हाथ के तेज गेंदबाज थे और उन्होंने पिच को काफी खुरदुरा (रफ) बना दिया। ईशांत और श्रीसंत भी राउंड द विकेट गेंदबाजी की। इसके बाद जब भज्जी ने दायें हाथ के बल्लेबाजों के लिये गेंदबाजी की तो पिच में बने इस 'रफ' क्षेत्र से मदद मिली।' ये दिग्गज बल्लेबाज चाहता है कि मौजूदा तेज गेंदबाजी आक्रमण भी इसी काम को दोहराए।
44 वर्षीय तेंदुलकर ने कहा, 'अश्विन के लिये परिस्थितियां अधिक चुनौतीपूर्ण होंगी और पिच में थोड़ी नमी रहेगी। लेकिन भारतीय तेज गेंदबाजों को पिच को खुरदुरा बनाकर अश्विन की मदद करनी होगी।' सचिन को विराट कोहली की टीम से काफी उम्मीदें हैं क्योंकि वे तीन तेज गेंदबाजों और हार्दिक पांड्या जैसे ऑलराउंडर के साथ खेल सकती है जो कि टीम संयोजन में फिट बैठता है।
तेंदुलकर ने कहा, 'इस बार हमारे पास तीन तेज गेंदबाजों और एक तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर के साथ खेलने का विकल्प है। इस दौरान उन्होंने हार्दिक पांड्या की तारीफ की। उन्होंने कहा कि पांड्या 138-140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं और इसके अलावा 7वें और 8वें नंबर पर प्रभावशाली बल्लेबाज भी हैं। उन्होंने कहा, 'मेरे 24 साल के करियर में, कभी ऐसा नहीं हुआ जबकि हमारे पास चौथा तेज गेंदबाज रहा हो जो कि आलराउंडर हो। बेशक हमारे पास कपिल देव और मनोज प्रभाकर थे लेकिन वो टॉप तीन तेज गेंदबाजों में शामिल थे।
बता दें कि टीम इंडिया शुक्रवार को दक्षिण अफ्रीका स्थित केपटाउन में तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला टेस्ट खेलेगा। इसके अलावा टीम इंडिया को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 3 वन-डे और तीन टी-20 मैचों की सीरीज भी खलेना है। मालूम हो कि टीम इंडिया 25 साल से दक्षिण अफ्रीका में कोई भी टेस्ट सीरीज जीतने में कामयाब नहीं रही है। वहीं टीम इंडिया को अपनी बादशाहत साबित करने के लिए शुक्रवार का दिन किसी अग्निपरीक्षा से कम साबित नहीं होने वाला है।