दक्षिण अफ्रीका के कप्तान फाफ डु प्लेसिस ने चार साल पहले भारत के मुश्किल दौरे से सबक सीखे हैं। उन्हें उम्मीद है कि बुधवार से शुरू हो रही टेस्ट सीरीज के बाद टीम के युवा सदस्य बेहतर क्रिकेटर बनकर उभरेंगे। भारत के पिछले दौर पर दक्षिण अफ्रीका की टीम के पास रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा की स्पिन जोड़ी का कोई जवाब नहीं था और टीम को चार मैचों की सीरीज में 0-3 से हार झेलनी पड़ी थी। डु प्लेसिस उस सीरीज के दौरान सात पारियों में सिर्फ 60 रन बना पाए थे।
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फाफ डु प्लेसिस
- फोटो : सोशल मीडिया
डु प्लेसिस ने पहले टेस्ट से पूर्व कहा कि अगर आपके खेल में कोई कमी है, तो टेस्ट क्रिकेट इसे उजागर कर देता है। बेशक पिछली बार हम यहां बल्लेबाजी इकाई के रूप में आए थे और मुश्किल हालात में मुझे परेशानी का सामना करना पड़ा था। तथ्य यह है कि मुश्किल हालात से सामंजस्य बैठाने के लिए मुझे रक्षात्मक और तकनीकी रूप से बेहतर होने की जरूरत है।
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फाफ डु प्लेसिस
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कप्तान डु प्लेसिस मौजूदा टीम में शामिल उन पांच खिलाड़ियों में से एक हैं, जो भारत के पिछले दौरे पर आए थे। अन्य चार खिलाड़ी कागिसो रबाडा, डीन एल्गर, तेंबा बावुमा और वेर्नोन फिलैंडर थे। फिलैंडर हालांकि सिर्फ एक टेस्ट खेलने के बाद चोटिल हो गए थे। दक्षिण अफ्रीका के कप्तान ने कहा कि यह सभी के लिए कड़ा था, लेकिन मेरे लिए इसकी काफी अहमियत थी। इसके बाद मैंने स्पिन को बेहतर खेलना शुरू किया। इसलिए मुझे लगता है कि खुद को बेहतर बनाने के लिए सभी खिलाड़ियों को कड़े समय से गुजरना होता है और समझना होता है कि उनकी संभावित कमजोरी क्या है। इसके बाद या तो आप खत्म हो जाते हो या मजबूत वापसी करते हो।
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दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों की मदद के लिए भारत के अमोल मजूमदार भी मौजूद हैं, जो टेस्ट सीरीज के लिए टीम के बल्लेबाजी कोच की भूमिका निभा रहे हैं। समय सीमित है लेकिन डु प्लेसिस ने कहा कि स्थानीय मदद से टीम को फायदा ही मिलेगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय हालात की जानकारी रखने वाले के होने से मदद मिलती है। वह कुछ ही समय से हमारे साथ है और हम पहले ही कुछ अच्छी चर्चाएं कर चुके हैं।