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शमी ने एनर्जी ड्रिंक विवाद पर तोड़ी चुप्पी: बोले- धर्म और खेल को अलग रखें, देश के लिए खेलना ही पहली प्राथमिकता
Thu, 28 Aug 2025 10:43 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Thu, 28 Aug 2025 10:43 AM IST
सार
शमी ने बताया कि पवित्र किताबों में भी उन लोगों के लिए छूट दी गई है जो सफर में हों, देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हों या ऐसी परिस्थिति में हों जहां रोजा रखना संभव न हो।
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शमी
- फोटो : ANI
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भारत के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने रमजान के दौरान एनर्जी ड्रिंक पीने वाले विवाद पर चुप्पी तोड़ी है। दरअसल, वह हाल ही में एक विवाद में घिर गए थे, जब उन्हें रमजान के दौरान मैच के बीच एनर्जी ड्रिंक पीते हुए कैमरे में कैद किया गया। सोशल मीडिया पर यह क्लिप वायरल हुई और कुछ लोगों ने उन पर रोजा न रखने का आरोप लगाया। इस मुद्दे पर शमी ने चुप्पी तोड़ते हुए साफ कहा कि खेल के दौरान खिलाड़ी की प्राथमिकता फिटनेस और हाइड्रेशन होती है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट जैसे लंबे और थकाऊ मैचों में शरीर को ऊर्जा देना बेहद जरूरी है और इसे धर्म से जोड़ना उचित नहीं है।
शमी
- फोटो : ANI
धार्मिक आलोचना और शमी की प्रतिक्रिया
शमी पर लगे आरोपों के बाद कई धार्मिक नेताओं की भी प्रतिक्रिया सामने आई। कुछ ने उन्हें रोजा न रखने पर आलोचना की, जबकि कई अन्य ने उनका समर्थन किया। धार्मिक विद्वानों ने साफ किया कि इस्लाम में स्वास्थ्य और जीवन को सर्वोपरि माना गया है और अगर खिलाड़ी रोजा रखते हुए खेलना मुश्किल समझे तो उसे छूट मिल सकती है। उन्होंने शमी के खिलाफ उठी तीखी आलोचनाओं को बेबुनियाद करार दिया और कहा कि खेल और धर्म को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करना सही नहीं है। भारतीय टीम का यह सीनियर तेज गेंदबाज इन दिनों अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के किसी भी फॉर्मेट में अपनी जगह पक्की करने के लिए संघर्ष कर रहा है।
शमी पर लगे आरोपों के बाद कई धार्मिक नेताओं की भी प्रतिक्रिया सामने आई। कुछ ने उन्हें रोजा न रखने पर आलोचना की, जबकि कई अन्य ने उनका समर्थन किया। धार्मिक विद्वानों ने साफ किया कि इस्लाम में स्वास्थ्य और जीवन को सर्वोपरि माना गया है और अगर खिलाड़ी रोजा रखते हुए खेलना मुश्किल समझे तो उसे छूट मिल सकती है। उन्होंने शमी के खिलाफ उठी तीखी आलोचनाओं को बेबुनियाद करार दिया और कहा कि खेल और धर्म को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करना सही नहीं है। भारतीय टीम का यह सीनियर तेज गेंदबाज इन दिनों अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के किसी भी फॉर्मेट में अपनी जगह पक्की करने के लिए संघर्ष कर रहा है।
शमी
- फोटो : ANI
'42 से 45 डिग्री तापमान में मैच खेल रहे होते'
एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में मोहम्मद शमी ने बताया कि पवित्र किताबों में भी उन लोगों के लिए छूट दी गई है जो सफर में हों, देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हों या ऐसी परिस्थिति में हों जहां रोजा रखना संभव न हो। शमी ने कहा, 'हम 42 से 45 डिग्री तापमान में मैच खेल रहे होते हैं। हम अपनी सेहत और शरीर की बलि दे रहे हैं। हमारे धर्म में भी ऐसे मामलों में छूट दी गई है। अगर आप देश के लिए कुछ कर रहे हैं या यात्रा कर रहे हैं तो। लोगों को यह समझना चाहिए। मैं मानता हूं कि लोग हमें रोल मॉडल मानते हैं, लेकिन उन्हें यह भी समझना चाहिए कि खिलाड़ी उस समय क्या कर रहा है और किसके लिए कर रहा है।
एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में मोहम्मद शमी ने बताया कि पवित्र किताबों में भी उन लोगों के लिए छूट दी गई है जो सफर में हों, देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हों या ऐसी परिस्थिति में हों जहां रोजा रखना संभव न हो। शमी ने कहा, 'हम 42 से 45 डिग्री तापमान में मैच खेल रहे होते हैं। हम अपनी सेहत और शरीर की बलि दे रहे हैं। हमारे धर्म में भी ऐसे मामलों में छूट दी गई है। अगर आप देश के लिए कुछ कर रहे हैं या यात्रा कर रहे हैं तो। लोगों को यह समझना चाहिए। मैं मानता हूं कि लोग हमें रोल मॉडल मानते हैं, लेकिन उन्हें यह भी समझना चाहिए कि खिलाड़ी उस समय क्या कर रहा है और किसके लिए कर रहा है।
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मोहम्मद शमी
- फोटो : ANI
'सोशल मीडिया पर लिखी बातों को नहीं पढ़ता'
शमी ने कहा, 'हमारे धर्म में इस तरह की छूट है, जिसमें या तो आप बाद में इसकी भरपाई कर सकते हैं या फिर जुर्माने के रूप में क्षतिपूर्ति कर सकते हैं, जो मैंने किया।' इस तेज गेंदबाज ने यह भी साफ किया कि अब वे सोशल मीडिया पर लिखी गई बातों को पढ़ते ही नहीं हैं, इसलिए ट्रोल्स की बातों से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि उनके सभी सोशल मीडिया अकाउंट अब उनकी टीम मैनेज करती है। शमी ने कहा, 'बस कुछ लोग ऐसे होते हैं जो चर्चा में आना चाहते हैं और बेवजह बातें उठाते हैं। मैं कभी सोशल मीडिया पर कमेंट्स नहीं पढ़ता, मेरे अकाउंट्स को मेरी टीम देखती है।'
शमी ने कहा, 'हमारे धर्म में इस तरह की छूट है, जिसमें या तो आप बाद में इसकी भरपाई कर सकते हैं या फिर जुर्माने के रूप में क्षतिपूर्ति कर सकते हैं, जो मैंने किया।' इस तेज गेंदबाज ने यह भी साफ किया कि अब वे सोशल मीडिया पर लिखी गई बातों को पढ़ते ही नहीं हैं, इसलिए ट्रोल्स की बातों से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि उनके सभी सोशल मीडिया अकाउंट अब उनकी टीम मैनेज करती है। शमी ने कहा, 'बस कुछ लोग ऐसे होते हैं जो चर्चा में आना चाहते हैं और बेवजह बातें उठाते हैं। मैं कभी सोशल मीडिया पर कमेंट्स नहीं पढ़ता, मेरे अकाउंट्स को मेरी टीम देखती है।'
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मोहम्मद शमी।
- फोटो : अमर उजाला
पाकिस्तान के खिलाफ मैच में भी हुए थे ट्रोल
यह पहला मौका नहीं है जब शमी को सोशल मीडिया पर निशाना बनाया गया हो। साल 2021 के टी20 वर्ल्ड कप में भारत की पाकिस्तान से हार के बाद भी उन्हें जबरदस्त ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। हाल ही में जब उनसे पूछा गया कि क्या मुस्लिम खिलाड़ियों को खासकर पाकिस्तान के खिलाफ खेलते समय निशाना बनाया जाता है, तो शमी ने बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वे ऐसी बातों पर ध्यान नहीं देते और उनका पूरा फोकस सिर्फ देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करने पर होता है।
यह पहला मौका नहीं है जब शमी को सोशल मीडिया पर निशाना बनाया गया हो। साल 2021 के टी20 वर्ल्ड कप में भारत की पाकिस्तान से हार के बाद भी उन्हें जबरदस्त ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। हाल ही में जब उनसे पूछा गया कि क्या मुस्लिम खिलाड़ियों को खासकर पाकिस्तान के खिलाफ खेलते समय निशाना बनाया जाता है, तो शमी ने बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वे ऐसी बातों पर ध्यान नहीं देते और उनका पूरा फोकस सिर्फ देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करने पर होता है।