श्रीलंका के खिलाफ धर्मशाला वन-डे में डेब्यू करने वाले टीम इंडिया के युवा बल्लेबाज श्रेयस अय्यर भले ही अपने पहले वन-डे में प्लॉफ रहे, लेकिन मोहाली में खेले गए सीरीज के दूसरे वन-डे में उन्होंने जोरदार वापसी की और शतक के बेहद करीब पहुंचकर आउट हो गए। इस पर श्रेयस के पिता संतोष अय्यर ने कहा है कि श्रेयस को अपने करियर का पहला शतक चूकने पर कोई पछतावा नहीं है।
श्रेयस अय्यर के पिता ने बेटे को लेकर कही ये भावुक बात, जानकर आप भी कहेंगे वाह!
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गौरतलब है कि श्रेयस ने श्रीलंका के खिलाफ तीन वन-डे मैचों की सीरीज के दूसरे वन-डे में 9 चौके और 2 छक्के की 70 गेंदो में मदद से 88 रन की शानदार पारी खेली थी। टीम इंडिया ने मोहाली वन-डे टीम शानदार 141 रन से जीती। कप्तान रोहित शर्मा ने शानदार 13 चौके और 12 छक्के की मदद से नाबाद 208 रन की बेहतरीन पारी खेली। फिलहाल दोनों टीन 1-1 की बराबरी पर है।
समाचार पत्र 'मिड-डे' से बातचीत में श्रेयस के पिता संतोष अय्यर ने कहा, 'मैं थोड़ा निराश था क्योंकि वह शतक के करीब पहुंचकर भी शतक बनाने से चूक गया। मैंने उनसे कहा था कि उसके पास शतक बनाने के उद्देश्य होना चाहिए।'
इसके बाद श्रेयस ने अपने पिता के बयान का रिप्लाई देते हुए कहा, जिसको उनके पिता संतोष ने बताया, 'श्रेयस थोड़ा निराश जरूर थे, लेकिन शतक को लेकर उनके मन में कोई पछतावा नहीं था। श्रेयस ने मुझे बताया कि उन्हें इसके लिए पर्याप्त अवसर मिलेंगे, लेकिन उस समय मैच में उन्हें अपने शॉट्स लगाने की आवश्यकता थी'। श्रेयस के पिता ने कहा, 'वह हमेशा से टीम मैन बनकर रहा है, चाहे वह स्कूल क्रिकेट हो या ऐज-ग्रुप टूर्नामेंट, वह हमेशा से वही किया है जो उस समय टीम के लिए जरुरत होती है।'
बता दें कि श्रेयस अय्यर ने फर्स्ट क्साल क्रिकेट में 53.90 की औसत से 4000 हजार रन बनाए है, जिसमें उन्होंने 11 शतक और 20 अर्धशतक लगाए है। हाल ही उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 10 दिसंबर को खेले गए पहले यानी धर्मशाला वन-डे में डेब्यू किया है। वहीं, टीम इंडिया को श्रीलंका के खिलाफ रविवार, 17 दिसंबर को विशाखापट्टनम में तीसरा वन-डे खेलना है।