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तीन ऐतिहासिक कैच, जिसने भारतीय क्रिकेट की तस्वीर को हमेशा के लिए बदल दिया

Sun, 26 Jul 2020 07:01 AM IST
Rohit Ojha स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Published by: Rohit Ojha Updated Sun, 26 Jul 2020 07:01 AM IST
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Three catches that changed the Indian cricket forever
Yuvraj Singh-Kapil dev-Sreesant - फोटो : सोशल मीडिया

क्रिकेट के मुकाबलों में कहा जाता है कि 'कैचेज विन मैचेज', मतलब कैच ही मैच जिताते हैं। क्रिकेट में फील्डिंग सबसे अहम है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई शानदार कैच पकड़े गए हैं और छूटे भी हैं। 1999 वर्ल्ड कप के एक मैच के दौरान दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी हर्षल गिब्स ने स्टीव वॉ का कैच टपका दिया था, तब वॉ ने गिब्स से कहा था कि 'तुमने कैच नहीं, बल्कि वर्ल्ड कप को अपने हाथ से छोड़ दिया है।'



क्रिकेट में फील्डिंग आज के दौर में बेहद ही अहम हो गई। किसी भी मैच में खिलाड़ी गेंदबाजी या बल्लेबाजी में फेल हो जाए, तो साथी खिलाड़ी मैच को संभाल लेते हैं। मगर फील्डिंग में अगर आप चूके तो खेल का पासा पलट जाता है। भारतीय फील्डर्स ने भी कई लाजवाब कैच पकड़े हैं। आइए जानते हैं ऐसे कुछ जबरदस्त कैचे के बारे में, जिसने भारतीय क्रिकेट की तस्वीर को बदलकर रख दिया।

Three catches that changed the Indian cricket forever
Yuvraj Singh Sourav Ganguly - फोटो : सोशल मीडिया

2002 के चैंपियंस ट्रॉफी के पहले सेमीफाइनल में भारत का सामना दक्षिण अफ्रीका से कोलंबो में हुआ। इस मुकाबले में दक्षिण अफ्रीकी टीम रनों का पीछा करते समय भारत पर हावी हो गई। उसे जीत के लिए 71 गेंदो पर 68 रन की दरकार थी और उसके नौ विकेट अभी हाथ में थे। मगर एक कैच ने मैच का पासा तब पलट दिया।

हरभजन सिंह की गेंद पर जोंटी रोड्स ने गेंद को स्वीप किया, लेकिन वो उसे टाइम नहीं कर पाए, युवराज सिंह ने डाइव करते हुए शानदार कैच पकड़ा और टीम की उम्मीद को मैच में जीवित रखा। उसके बाद अफ्रीकी टीम ने लगातार अंतराल पर विकेट गंवा दिए और अंत में वो सिर्फ छह विकेट पर 251 रन ही बना सकी। भारत ने श्रीलंका के साथ ट्रॉफी को जीता, क्योंकि दोनों टीमों के बीच होने वाला फाइनल बारिश में धुल गया।

Three catches that changed the Indian cricket forever
श्रीसंत - फोटो : सोशल मीडिया

टी-20 विश्व कप 2007 के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ श्रीसंत ने ऐतिहासिक कैच लपका था। आखिरी ओवर में पाकिस्तान को जीत के लिए 13 रनों की दरकार थी और सिर्फ एक विकेट उसके हाथ में था। आखिरी तीन गेंदों पर पाकिस्तान को जीतने के लिए छह रन चाहिए थे। मिस्बाह ने बाउंड्री के लिए स्कूप शॉट खेला और गेंद डीप फाइन लेग ओर हवा मे लहरा गई। वहां खड़े श्रीसंत ने कैच लपक लिया। उस कैच ने भारत को टी-20 का विश्व चैंपियन बना दिया।

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Three catches that changed the Indian cricket forever
कपिल देव कैच - फोटो : file

1983 के वर्ल्ड कप ने भारतीय क्रिकेट की तस्वीर को बदलकर रख दिया। खिताबी मुकाबले में भारत ने वेस्टइंडीज के सामने 184 रनों का लक्ष्य रखा। भारत के लिए मदन लाल और बलविंदर संधू ने शानदार शुरुआत की और गॉर्डन ग्रेनेज को एक रन पर और डेस्मंड हेन्स को 13 रन पर पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। हालांकि विव रिचर्ड्स उस समय 33 रन बनाकर खेल रहे थे और तेजी से रन बटोर रहे थे।

इसी दौरान विवियन रिचर्ड्स ने मदन लाल की गेंद पर मिड-विकेट के ऊपर से ऊंचा शॉट लगाया, लेकिन मिड-ऑन पर खड़े कपिल देव ने पीछे की तरफ भागते हुए उस मुश्किल कैच को पकड़ लिया। उस एक कैच के बाद देखते ही देखते पूरी वेस्टइंडीज की पारी लड़खड़ा गई और 140 पर ढेर हो गई। इसी के साथ इंडिया ने कपिल देव की कप्तानी में पहली बार वर्ल्ड कप जीतने का सपना पूरा किया।

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