कोहली एंड कंपनी विश्व कप के लिए इंग्लैंड रवाना हो गई है। भारतीय टीम को खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। दिग्गज सचिन तेंदुलकर का भी कहना है कि कलाई के स्पिनर इस महासमर में अहम भूमिका निभाएंगे। भारत के पास युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव के रूप में ऐसे दो गेंदबाज हैं। हालांकि वे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज में उतने प्रभावी नहीं रहे।
सचिन तेंदुलकर ने इन दो खिलाड़ियों को बताया विश्व कप में टीम इंडिया का ट्रंप कार्ड
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सचिन ने कहा, 'ऐसे कई गेंदबाज हैं जिन्हें बल्लेबाज बखूबी भांप लेते हैं लेकिन फिर भी उन्हें विकेट मिलते हैं। कुलदीप और चहल को ऑस्ट्रेलिया सीरीज को लेकर ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। मुरलीधरन ऑफ ब्रेक और दूसरा डालते थे। बल्लेबाज उसे भांप भी लें तो भी उन्हें विकेट मिलते थे।'
यह पूछने पर कि कि क्या कप्तान विराट पर उसी तरह का दबाव होगा जैसा उन पर 1996, 1999 और 2003 विश्व कप में था तेंदुलकर ने कहा,‘आपके पास हर मैच में उम्दा प्रदर्शन करने वाले कुछ खिलाड़ी होते हैं, पर टीम के सहयोग के बिना आप कुछ नहीं कर सकते। एक खिलाड़ी के दम पर टूर्नामेंट नहीं जीता जा सकता। बिल्कुल नहीं। दूसरों को भी हर अहम चरण पर अपनी भूमिका निभानी होगी। ऐसा नहीं करने पर निराशा ही हाथ लगेगी।’
नंबर चार कोई समस्या नहीं
चौथे नंबर के बल्लेबाजी क्रम पर इस चैंपियन खिलाड़ी ने कहा कि मैच हालात के अनुसार इस पर फैसला लिया जा सकता है। उन्होंने कहा,‘हमारे पास ऐसे बल्लेबाज हैं जो इस क्रम पर खेल सकते हैं। यह एक क्रम ही है और इसमें लचीलापन होना चाहिए। मुझे यह कोई समस्या नहीं लगती। हमारे खिलाड़ियों ने इतनी क्रिकेट खेली है कि किसी भी क्रम पर बल्लेबाजी कर सकते हैं।’
गेंदबाजों की मददगार पिचें बने
सचिन ने हालांकि वनडे क्रिकेट में बल्लेबाजों की बढ़ती भूमिका पर निराशा जताई। उन्होंने कहा, ‘दो नई गेंदों के आने और सपाट पिचों की वजह से गेंदबाजों की हालत खराब हो गई है। एक टीम 350 रन बना रही है और दूसरी 45 ओवर में उसे हासिल कर रही है। इस पर विचार किया जाना चाहिए। दो नई गेंद लेनी है तो गेंदबाजों की मददगार पिचें बनाई जाएं या एक नई गेंद की पुरानी व्यवस्था ही लागू रहे जिसमें रिवर्स स्विंग तो मिलती थी।’