पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह का मानना है कि किसी भी कप्तान का मनपसंद खिलाड़ी होना सामान्य बात है और जब बात महेंद्र सिंह धोनी की आती है तो उनके लिए सुरेश रैना ही वह खिलाड़ी थे। युवराज ने कहा कि रैना को पूर्व कप्तान धोनी का पूरा समर्थन मिला था।
युवी ने किए कई खुलासे, रैना को बताया धोनी का खास खिलाड़ी, गांगुली को कहा पसंदीदा कप्तान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दादा रहे मेरे पसंदीदा कप्तान
युवा प्रतिभा को निखारने के लिए पूर्व ऑलराउंडर ने सौरव गांगुली की सराहना की और बीसीसीआई के मौजूदा अध्यक्ष को अपना पसंदीदा कप्तान चुना। उन्होंने कहा, ‘दादा मेरे पसंदीदा कप्तान हैं। उन्होंने मेरा काफी समर्थन किया, सबसे अधिक। हम युवा थे इसलिए उन्होंने प्रतिभा को भी निखारा।
जब सिक्सर किंग के बल्ले की हुई जांच
आक्रामक बल्लेबाज युवराज ने यह भी खुलासा किया कि जिस बल्ले से उन्होंने 2007 टी-20 विश्व कप में इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड के खिलाफ एक ओवर की सभी छह गेंदों पर छक्के लगाए थे, उस पर सवाल उठे थे और मैच रेफरी ने उस बल्ले को चेक किया था। युवी बताते हैं कि ऑस्ट्रेलियाई कोच उस समय मेरे पास आए और पूछा कि क्या बल्ले में फाइबर लगा है और क्या यह वैध है। मैच रेफरी ने इसे चेक किया है? यहां तक कि एडम गिलक्रिस्ट ने भी उनसे पूछा था कि बल्ले कहां से बनवाते हो। ऐसे में मैच रेफरी ने मेरे बल्ले की जांच की। ईमानदारी से वह बल्ला और 2011 विश्व कप में मैं जिस बल्ले से खेला, वे मेरे लिए काफी खास रहे।
फ्लिंटॉफ ने दी थी धमकी
युवराज ने 2007 टी-20 विश्वकप के मैच में इंग्लैंड के एंड्रू फ्लिंटॉफ से हुई तकरार के बारे में पहली बार खुलासा किया। उन्होंने बताया कि स्टुअर्ट ब्रॉड की ओवर में छह छक्के जड़ने से पहले उनके और फ्लिंटॉफ के बीच किस बात पर विवाद हुआ था।
युवराज ने कहा, 'शुरुआत एंड्रू फ्लिंटॉफ ने की थी। मैंने उनकी दो अच्छी गेंदों पर चौके जड़े थे, इसके बाद उन्होंने कहा कि शॉट अच्छा नहीं था। इसके बाद हम दोनों के बीच बहस के बाद उन्होंने मुझे कहा कि बाहर आ गला काट दूंगा। इस पर मैंने जवाब दिया कि बाहर बाद की बात है, पहले यह बल्ला देख कहां जाएगा।' इसके बाद अगले ही ओवर में युवराज ने स्टुअर्ट ब्रॉड के ओवर पर तूफानी बल्लेबाजी करते हुए लगातार छह छक्के जड़ दिए। उस मैच में युवराज ने महज 12 गेंद पर अर्धशतक बना दिया था।