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IND vs ENG Semifinal Turning Point: मैच का पासा पलटने वाले पल; दुबे का प्रमोशन, अक्षर के कैच और बूम-बूम-बुमराह
Fri, 06 Mar 2026 08:54 AM IST
Swapnil Shashank
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Swapnil Shashank
Updated Fri, 06 Mar 2026 08:54 AM IST
सार
टी20 विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 7 रन से हराकर फाइनल में जगह बनाई। संजू सैमसन की 89 रन की पारी, जसप्रीत बुमराह का शानदार ओवर, अक्षर पटेल का बेहतरीन कैच और आखिरी ओवर की रणनीति इस जीत के सबसे बड़े टर्निंग पॉइंट साबित हुए।
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भारत बनाम इंग्लैंड सेमीफाइनल
- फोटो : PTI
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भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 विश्वकप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल रोमांच से भरा रहा। मुंबई के वानखेड़े में खेले गए इस मुकाबले में 253 रन बनाने के बावजूद इंग्लिश टीम आखिरी ओवर तक टक्कर में रही। हालांकि, भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव झेलते हुए और आखिरी पलों में नब्ज पर काबू रखते हुए सात रन से जीत हासिल की और लगातार दूसरी बार टी20 विश्वकप के फाइनल में जगह बनाई। अब आठ मार्च यानी रविवार को फाइनल में अहमदाबाद में टीम इंडिया का सामना न्यूजीलैंड से होगा।
मैच के टर्निंग पॉइंट्स
- फोटो : IANS
1. शिवम दुबे को बैटिंग में प्रमोट करना
अभिषेक शर्मा का बल्ला एक बार फिर नहीं चला और वह दूसरे ओवर में विल जैक्स की गेंद पर आउट हो गए। अभिषेक नौ रन बना सके। फिर ईशान किशन के साथ सैमसन ने दूसरे विकेट के लिए 97 रन की साझेदारी निभाई। ईशान (39) भी 10वें ओवर में आउट हो गए। इस विश्वकप में चौथे नंबर पर कप्तान सूर्यकुमार ही उतरे हैं, लेकिन यहां टीम मैनेजमेंट ने सूझबूझ दिखाते हुए शिवम दुबे को भेजा और यह फैसला मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ। उस वक्त इंग्लैंड के स्टार स्पिनर आदिल रशीद गेंदबाजी कर रहे थे और उन्होंने ही ईशान किशन का विकेट चटकाया था। दुबे को आदिल को ही काउंटर करने के लिए भेजा गया और दुबे ने यह काम बखूबी निभाया। उन्होंने बीच के ओवरों में भारत के रन रेट को कम नहीं होने दिया और रशीद के दो ओवरों में तीन छक्के जड़ दिए। इंग्लैंड के स्पिन अटैक को नेस्तनाबूद कर दिया। दुबे को प्रमोट करने के टीम मैनेजमेंट के फैसले की वाकई सराहना हो रही है। दुबे ने 25 गेंद में 43 रन बनाए।
अभिषेक शर्मा का बल्ला एक बार फिर नहीं चला और वह दूसरे ओवर में विल जैक्स की गेंद पर आउट हो गए। अभिषेक नौ रन बना सके। फिर ईशान किशन के साथ सैमसन ने दूसरे विकेट के लिए 97 रन की साझेदारी निभाई। ईशान (39) भी 10वें ओवर में आउट हो गए। इस विश्वकप में चौथे नंबर पर कप्तान सूर्यकुमार ही उतरे हैं, लेकिन यहां टीम मैनेजमेंट ने सूझबूझ दिखाते हुए शिवम दुबे को भेजा और यह फैसला मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ। उस वक्त इंग्लैंड के स्टार स्पिनर आदिल रशीद गेंदबाजी कर रहे थे और उन्होंने ही ईशान किशन का विकेट चटकाया था। दुबे को आदिल को ही काउंटर करने के लिए भेजा गया और दुबे ने यह काम बखूबी निभाया। उन्होंने बीच के ओवरों में भारत के रन रेट को कम नहीं होने दिया और रशीद के दो ओवरों में तीन छक्के जड़ दिए। इंग्लैंड के स्पिन अटैक को नेस्तनाबूद कर दिया। दुबे को प्रमोट करने के टीम मैनेजमेंट के फैसले की वाकई सराहना हो रही है। दुबे ने 25 गेंद में 43 रन बनाए।
मैच के टर्निंग पॉइंट्स
- फोटो : IANS
2. ब्रूक ने सैमसन का कैच ड्रॉप किया
भारत की जीत की सबसे बड़ी नींव संजू सैमसन की धमाकेदार बल्लेबाजी रही। उन्होंने सिर्फ 42 गेंदों में 89 रन की शानदार पारी खेली और इंग्लैंड के गेंदबाजों को शुरुआत से ही दबाव में ला दिया। सैमसन को शुरुआती ओवरों में जीवनदान भी मिला जब इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने उनका आसान कैच छोड़ दिया। भारतीय पारी के तीसरे ओवर में जोफ्रा आर्चर की गेंद पर सैमसन ने मिड ऑन पर शॉट लगाया और गेंद सीधे ब्रूक के हाथों में गई, लेकिन उनके हाथ से छिटक गई। तब सैमसन 15 रन पर थे। इस गलती का सैमसन ने पूरा फायदा उठाया। और भारत के स्कोर में 75 रन और जोड़े। उन्होंने सात छक्के लगाते हुए इंग्लैंड की तेज गेंदबाजी को तहस-नहस कर दिया। उनकी इस पारी ने भारत को 250 से ज्यादा स्कोर बनाने का मजबूत प्लेटफॉर्म दिया। मैच के बाद ब्रूक ने कहा भी कि कैच छोड़ना उनकी सबसे बड़ी गलती थी।
भारत की जीत की सबसे बड़ी नींव संजू सैमसन की धमाकेदार बल्लेबाजी रही। उन्होंने सिर्फ 42 गेंदों में 89 रन की शानदार पारी खेली और इंग्लैंड के गेंदबाजों को शुरुआत से ही दबाव में ला दिया। सैमसन को शुरुआती ओवरों में जीवनदान भी मिला जब इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने उनका आसान कैच छोड़ दिया। भारतीय पारी के तीसरे ओवर में जोफ्रा आर्चर की गेंद पर सैमसन ने मिड ऑन पर शॉट लगाया और गेंद सीधे ब्रूक के हाथों में गई, लेकिन उनके हाथ से छिटक गई। तब सैमसन 15 रन पर थे। इस गलती का सैमसन ने पूरा फायदा उठाया। और भारत के स्कोर में 75 रन और जोड़े। उन्होंने सात छक्के लगाते हुए इंग्लैंड की तेज गेंदबाजी को तहस-नहस कर दिया। उनकी इस पारी ने भारत को 250 से ज्यादा स्कोर बनाने का मजबूत प्लेटफॉर्म दिया। मैच के बाद ब्रूक ने कहा भी कि कैच छोड़ना उनकी सबसे बड़ी गलती थी।
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मैच के टर्निंग पॉइंट्स
- फोटो : IANS
3. विल जैक्स को आखिरी ओवर में गेंदबाजी
भारत ने 19वें ओवर तक छह विकेट पर 237 रन बना लिए थे। हालांकि, वानखेड़े की पिच को देखते हुए भारतीय टीम और बल्लेबाजों को पता था कि यहां 250 रन से कम कुछ भी बनाया जा सकता है। 19वें ओवर की समाप्ति के बाद अक्षर पटेल और हार्दिक पांड्या क्रीज पर थे। अक्षर के पास स्ट्राइक थी, इसके बावजूद इंग्लैंड के कप्तान ब्रूक ने ऑफ स्पिनर विल जैक्स को गेंद सौंपी। यह जानते हुए कि हार्दिक स्पिन को बहुत अच्छा खेलते हैं, ब्रूक का यह फैसला गलत साबित हुआ। अक्षर ने पहली गेंद पर एक रन लिया और इसके बाद हार्दिक ने अगली तीन गेंद में दो छक्के लगाकर भारत को 250 के पार पहुंचाया। हालांकि, इसके बाद दो रन चुराने के चक्कर में हार्दिक रन आउट हो गए। फिर भी इस ओवर में 16 रन आए।
भारत ने 19वें ओवर तक छह विकेट पर 237 रन बना लिए थे। हालांकि, वानखेड़े की पिच को देखते हुए भारतीय टीम और बल्लेबाजों को पता था कि यहां 250 रन से कम कुछ भी बनाया जा सकता है। 19वें ओवर की समाप्ति के बाद अक्षर पटेल और हार्दिक पांड्या क्रीज पर थे। अक्षर के पास स्ट्राइक थी, इसके बावजूद इंग्लैंड के कप्तान ब्रूक ने ऑफ स्पिनर विल जैक्स को गेंद सौंपी। यह जानते हुए कि हार्दिक स्पिन को बहुत अच्छा खेलते हैं, ब्रूक का यह फैसला गलत साबित हुआ। अक्षर ने पहली गेंद पर एक रन लिया और इसके बाद हार्दिक ने अगली तीन गेंद में दो छक्के लगाकर भारत को 250 के पार पहुंचाया। हालांकि, इसके बाद दो रन चुराने के चक्कर में हार्दिक रन आउट हो गए। फिर भी इस ओवर में 16 रन आए।
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मैच के टर्निंग पॉइंट्स
- फोटो : IANS
4. अक्षर पटेल का करिश्मा, दो कैच, एक असिस्ट
अगर पूरी दुनिया में कोई भी टीम इस रन चेज को इतना असरदार बनाने की क्षमता रखती थी तो वह इंग्लैंड ही थी। उनके पास शुरू से ही आक्रामक बल्लेबाज थे। हालांकि, फिर अक्षर पटेल का जादू दिखा। उन्होंने पहले फिल सॉल्ट का आसान कैच लिया। फिर हैरी ब्रूक का कैच 25 मीटर पीछे दौड़ते हुए लिया। इसे कैच ऑफ द टूर्नामेंट भी कहा जा रहा है। फिर एक अहम मोड़ पर बाउंड्री लाइन पर 21 मीटर दौड़ लगाकर विल जैक्स का कैच लपका और जब उन्हें लगा कि उनका बैलेंस बिगड़ रहा है और वह बाउंड्री लाइन के पार चले जाएंगे तो उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए पास खड़े दुबे को गेंद फेंक दी और दुबे ने कैच कम्प्लीट किया। 'बापू' के नाम से मशहूर अक्षर के क्रंच मोमेंट पर लिए गए इन तीन कैचों ने मैच का रुख पलट दिया। कमेंटेटर ने तो यहां तक कहा कि असली प्लेयर ऑफ द मैच के हकदार अक्षर ही हैं।
अगर पूरी दुनिया में कोई भी टीम इस रन चेज को इतना असरदार बनाने की क्षमता रखती थी तो वह इंग्लैंड ही थी। उनके पास शुरू से ही आक्रामक बल्लेबाज थे। हालांकि, फिर अक्षर पटेल का जादू दिखा। उन्होंने पहले फिल सॉल्ट का आसान कैच लिया। फिर हैरी ब्रूक का कैच 25 मीटर पीछे दौड़ते हुए लिया। इसे कैच ऑफ द टूर्नामेंट भी कहा जा रहा है। फिर एक अहम मोड़ पर बाउंड्री लाइन पर 21 मीटर दौड़ लगाकर विल जैक्स का कैच लपका और जब उन्हें लगा कि उनका बैलेंस बिगड़ रहा है और वह बाउंड्री लाइन के पार चले जाएंगे तो उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए पास खड़े दुबे को गेंद फेंक दी और दुबे ने कैच कम्प्लीट किया। 'बापू' के नाम से मशहूर अक्षर के क्रंच मोमेंट पर लिए गए इन तीन कैचों ने मैच का रुख पलट दिया। कमेंटेटर ने तो यहां तक कहा कि असली प्लेयर ऑफ द मैच के हकदार अक्षर ही हैं।