{"_id":"5d6bd2ed8ebc3e016f0b0fd1","slug":"badrinath-highway-may-close-for-long-time-due-to-cracks-in-main-mountain","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"लंबे समय के लिए कभी भी बंद हो सकता है बदरीनाथ हाईवे, पहाड़ी में पड़ी दरारें, तस्वीरें...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लंबे समय के लिए कभी भी बंद हो सकता है बदरीनाथ हाईवे, पहाड़ी में पड़ी दरारें, तस्वीरें...
प्रदीप भंडारी, अमर उजाला, जोशीमठ
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 02 Sep 2019 04:42 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
बदरीनाथ हाईवे कभी भी लंबे समय के लिए अवरुद्ध हो सकता है। लामबगड़ में पहाड़ी के शीर्ष भाग पर पड़ी दरार ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन ने लामबगड़ पहाड़ी के जियोलॉजिकल सर्वे की मांग उठाई है।
2 of 5
- फोटो : अमर उजाला
लामबगड़ भूस्खलन जोन पिछले दो दशक से बदरीनाथ धाम की सुचारू तीर्थयात्रा में रोड़ा बनता रहा है। यहां थोड़ी सी बारिश होने पर भी चट्टान से भूस्खलन सक्रिय हो जाता है, लेकिन आज तक इसका स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका है।
3 of 5
- फोटो : अमर उजाला
पूर्व में यहां हाईवे के सुधारीकरण का काम बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) को सौंपा गया था। जब भूस्खलन जोन का स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका तो प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017 में लामबगड़ का करीब 800 मीटर का हिस्सा लोनिवि के एनएच खंड को दे दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
- फोटो : अमर उजाला
यहां एनएच की ओर से पिछले डेढ़ साल से अलकनंदा साइड से सुधारीकरण कार्य किया जा रहा है, लेकिन भूस्खलन वाली पहाड़ी पर कोई सुधारीकरण कार्य नहीं होने से यहां लगातार भूस्खलन हो रहा है। हाल की बारिश से लामबगड़ चट्टान के शीर्ष भाग में दरार पड़ गई हैं, इस स्थिति में पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरक कर कभी भी हाईवे पर आ सकता है।
विज्ञापन
5 of 5
- फोटो : अमर उजाला
जोशीमठ के उपजिलाधिकारी अनिल कुमार चन्याल ने बताया कि प्रशासन की ओर से लामबगड़ चट्टान के शीर्ष भाग में पड़ी दरार का स्थलीय निरीक्षण किया जा चुका है। इसकी रिपोर्ट भी उच्च अधिकारियों को सौंप दी गई है। प्रशासन ने उच्च अधिकारियों से शीघ्र लामबगड़ का जियोलॉजिकल सर्वे कर इसके ट्रीटमेंट की मांग की है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।