भाजपा सरकार का यह बजट हर किसी के लिए खुशखबरी लेकर आया है। जी हां, इस बजट के मुताबिक अब हर किसी के पास पहले से ज्यादा काम के मौके होंगे। स्थानीय ठेकेदार हों, विधायक हों या सीमांत क्षेत्र में रहने वाले किसान। सभी के लिए अब काम के ज्यादा मौके हैं। त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने कई ऐसे ऐलान किए हैं, जिसने स्थानीय ठेकेदारों से लेकर विधायकों और सीमांत काश्तकार तक के चेहरे पर खुशी ला दी।
{"_id":"5940aad38664197c5d8b48a1","slug":"bjp-government-budget-will-give-many-chances-to-work","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"भाजपा सरकार के इस बजट में हर किसी के पास काम के अब ज्यादा मौके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा सरकार के इस बजट में हर किसी के पास काम के अब ज्यादा मौके
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 15 Jun 2017 08:16 AM IST
विज्ञापन
prakash pant
Trending Videos
prakash pant
उत्तराखंड सरकार ने सरकारी विभागों के पांच करोड़ रुपये तक के ठेके अब सिर्फ स्थानीय ठेकेदारों को देने की घोषणा की है। उम्मीद की जा रही है कि इससे बाहरी बडे़ ठेकेदारों का एकाधिकार टूटेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
trivendra singh rawat
दूसरी तरफ, विधायकों की निधि में भी सालाना एक करोड़ रुपये की बढ़ोत्तरी कर दी गई है। अब विधायक अपने क्षेत्र में तीन करोड़ 75 लाख रुपये सालाना खर्च कर पाएंगे। सरकार ने सीमांत इलाकों के काश्तकारों को एक लाख रुपये लोन के लिए खास योजना शुरू करने का ऐलान किया है, ताकि उसके छोटे-मोटे काम रुकने न पाए।
Demo pic
विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सरकारी विभागों के पांच करोड़ तक के ठेके लोकल ठेकेदारों को दिए जाने का ऐलान कर दिया। बाहरी बडे़ ठेकेदारों के कारण हाशिये पर रहने वाले स्थानीय ठेकेदारों को अब बडे़-बडे़ काम करने के मौके मिल पाएंगे। राज्य बनने के बाद स्थानीय ठेकेदारों की ओर से कई बार इस तरह की मांग उठाई गई, लेकिन पहली बार सरकार इतने बडे़ स्तर पर उनके लिए अवसर लेकर आई है।
विज्ञापन
uttarakhand assembly house
बजट पर सामान्य चर्चा के दौरान मंगलवार को कई विधायकों ने स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के मौकों पर चर्चा की। राज्य में स्थापित होने वाले उद्योगों में 70 फीसदी कर्मचारी स्थानीय रखे जाने के शासनादेश का भी जिक्र आया। ये बात भी हुई कि इस पर कभी अमल नहीं हो पाया। राज्य बनने की मूल अवधारणा स्थानीय लोगों के रोजगार की चिंता बताते हुए इस पर कई विधायकों ने अपनी बात रखी। इन स्थितियों के बीच, जब सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के बोलने की बारी आई, तो किसी को अनुमान नहीं था, कि सरकारी ठेकों को लेकर वह इतना बड़ा ऐलान करने जा रहे हैं।
