ऐसे चला भाजपा का धरना, मुंह पर काली पट्टी और जुट गए मोबाइल पर
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भाजपा विधायकों का धरना दोपहर एक बजे तक चला। इसके बाद भाजपा के विधायक सदन की कार्यवाही में भाग लिए बिना ही चले गए। भाजपा विधायकों का कहना था कि सरकार उनकी बात सुनना ही नहीं चाहती हैं। इसलिए उन्होंने मुंह पर काली पट्टी बांधकर मौन धारण कर लिया है।
विधानसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र के पहले दिन बृहस्पतिवार को हंगामा करने के बाद दोपहर के बाद भाजपा विधायकों ने सदन से वाकआउट कर दिया था। शुक्रवार को भी भाजपा ने विधानसभा की कार्यवाही का पूरी तरह से बहिष्कार किया।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायक नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट के नेतृत्व में विधानसभा की सीढ़ियों पर मुंह पर काली पट्टी बांधकर धरने पर बैठ गए। इस दौरान उधर से मुख्यमंत्री हरीश रावत भी गुजरे, लेकिन उन्होंने विपक्ष के धरने की ओर देखा तक नहीं।
विपक्ष के धरने के दौरान ही मुख्यमंत्री पत्रकारों से बातचीत करने के लिए नीचे आए थे, लेकिन उन्होंने विपक्ष के नेताओं से बात नहीं की। विपक्ष को सदन की कार्यवाही में भाग लेने के लिए मनाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम इनके सहयोग के आकांक्षी हैं।