सत्ता में वापसी के लिए भाजपा भले चुनाव में बिना चेहरे के उतर रही है, लेकिन चुनावी संग्राम में कई दिग्गज फ्रंट पर रहेंगे। भाजपा में इस बार इतने बड़े बड़े चेहरे हैं जितने किसी भी विधानसभा चुनाव में नहीं रहे।
उत्तराखंड: विधानसभा चुनाव में ये चेहरे करेंगे भाजपा का बेड़ा पार
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अजय भट्ट - पार्टी का इनपर भरोसा इस बात से दिखता है कि एक पद और एक व्यक्ति का मानक इनके लिए नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष के साथ नेता प्रतिपक्ष दोनों प्रभार इन्हीं के पास है। हर कमेटी का अजय हिस्सा हैं।
राष्ट्रीय संगठन सहमंत्री शिवप्रकाश - आरएसएस के बैक्रग्राउंड के साथ उत्तराखंड से उनकी पुरानी जड़े जुड़ी हैं। अहम पद के साथ संसदीय बोर्ड में इनकी मौजूदगी टिकट वितरण में इनकी भूमिका को अहम बनाता है।
बीसी खंडूड़ी - प्रदेश की सियासत में इनकी बेदाग छवि के साथ बड़ा कद है। पिछले चुनाव में इनके नाम पर भाजपा के पक्ष में मत प्रतिशत बढा था। गढ़वाल में इनके चेहरे का तिलिस्म आज भी है, जिसके चलते इनकी राय टिकट वितरण के साथ चुनावी जनसभाओं में पार्टी सर्वाधिक उपयोग करेगी।
नरेश बंसल - राष्ट्रीय संगठन और आरएसएस में खासी पैठ होने के साथ लंबे समय से महामंत्री के अहम पद पर विराजमान हैं। केंद्र से आने वाले नेताओं के दौरों पर यह रणनीति तैयार करते हैं।
भगत सिंह कोश्यारी - कोश्यारी का संघ से पुराना नाता रहा है। कुमाऊं में यह भाजपा के सबसे बड़े दिग्गज हैं, जिनकी जरूरत पार्टी को अपने प्रचार अभियान में सर्वाधिक पड़ेगी। अभी तक हुई रैलियों से इसके संकेत भी मिले हैं।
विजय बहुगुणा - कांग्रेस छोड़कर भाजपा में बागियों के नेता के तौर पर बहुगुणा की भूमिका अहम हो गई है। टिहरी संसदीय क्षेत्र में कई जगह इनकी खासी पकड़ होने के साथ इनकी सियासी विरासत का लाभ भी पार्टी को मिल सकता है।